प्रागैतिहासिक काल (Prehistory) संपूर्ण क्विज : 100 महत्वपूर्ण प्रश्न
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नमस्कार साथियों!
अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो इतिहास (History) एक ऐसा विषय है जिसे आप बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। एक अनुभवी शिक्षक और मार्गदर्शक के तौर पर मैंने अक्सर देखा है कि प्राचीन इतिहास, विशेषकर 'प्रागैतिहासिक काल' (Prehistory) से जुड़े प्रश्न हर बार परीक्षाओं में छात्रों को उलझा देते हैं। आपकी इसी परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए, मैं आज आपके लिए लेकर आया हूँ एक बेहतरीन और संपूर्ण Pragaitihasik Kal Quiz।
यह कोई सामान्य अध्ययन सामग्री नहीं है। इसमें मैंने पिछले कई वर्षों के प्रश्नपत्रों और परीक्षा के लेटेस्ट पैटर्न का बहुत बारीकी से विश्लेषण करके पूरे 100 सबसे महत्वपूर्ण और चुनिंदा प्रश्नों का एक कम्पलीट सेट तैयार किया है।
चाहे आप UPSC, RPSC या किसी अन्य State Level Exams की गहराई से तैयारी कर रहे हों, या फिर SSC GD, Railway और RO/ARO जैसी हाई-कम्पटीशन वाली परीक्षाओं को क्रैक करने का लक्ष्य रखते हों, यह क्विज आपके लिए निश्चित रूप से एक रामबाण साबित होगा।
🔴 🦋 ANCIENT HISTORY
प्रागैतिहासिक काल एवं इतिहास के स्रोत - 100+ Lallantop MCQs
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मानव विकास के प्रारंभिक कालखंड को, जिसके कोई लिखित साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, किस नाम से जाना जाता है?
आद्य-ऐतिहासिक काल|प्रागैतिहासिक काल|ऐतिहासिक काल|ताम्र पाषाण काल
प्रागैतिहासिक काल
UPSC, State PCS
प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period) वह समय है जिसकी जानकारी केवल पुरातात्विक साक्ष्यों से मिलती है और इस काल का कोई लिखित विवरण उपलब्ध नहीं है।
इतिहास के पिता (Father of History) माने जाने वाले हेरोडोटस ने प्राचीन भारत और फारस के संबंधों का विवरण अपनी किस प्रसिद्ध पुस्तक में दिया है?
इंडिका|पेरिप्लस|हिस्टोरिका|जियोग्राफी
हिस्टोरिका
SSC, Railways, State PCS
हेरोडोटस को इतिहास का जनक कहा जाता है। उन्होंने अपनी पुस्तक 'हिस्टोरिका' में 5वीं शताब्दी ई.पू. के भारत-फारस संबंधों का वर्णन किया है।
सभ्यता का पालना (Cradle of Civilization) और मानव जाति का पालना (Cradle of Humankind) क्रमशः किन महाद्वीपों को कहा जाता है?
अफ्रीका और एशिया|एशिया और अफ्रीका|यूरोप और अफ्रीका|एशिया और यूरोप
एशिया और अफ्रीका
State PCS, RO/ARO
मानव जाति का पालना अफ्रीका महाद्वीप को माना जाता है क्योंकि आदिमानव के सबसे पहले साक्ष्य वहीं मिले, जबकि सभ्यताओं का विकास सर्वप्रथम एशिया महाद्वीप (जैसे मेसोपोटामिया, सिंधु घाटी) में हुआ।
वैज्ञानिक क्रिश्चियन थॉमसन द्वारा कोपेनहेगन संग्रहालय की वस्तुओं के आधार पर प्रागैतिहासिक काल को किन तीन भागों में विभाजित किया गया था?
पाषाण, कांस्य और लौह युग|पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण युग|ताम्र, कांस्य और पाषाण युग|पाषाण, ताम्र और लौह युग
पाषाण, कांस्य और लौह युग
UPSC, State PCS
क्रिश्चियन थॉमसन ने मिलने वाले धातु के आधार पर इतिहास का त्रियुगीन विभाजन (पाषाण, कांस्य और लौह युग) किया था।
लिखावट या लिपि के आधार पर इतिहास का वर्गीकरण (प्रागैतिहासिक, आद्य-ऐतिहासिक और ऐतिहासिक) सर्वप्रथम किस विद्वान ने प्रस्तुत किया था?
क्रिश्चियन थॉमसन|जॉन ब्रूस|अलेक्जेंडर कनिंघम|रॉबर्ट ब्रूस फुट
जॉन ब्रूस
State PCS, RO/ARO
लिखावट के आधार पर इतिहास का तीन खंडों में नामकरण जॉन ब्रूस द्वारा किया गया था।
भारत का राष्ट्रीय पुरातात्विक संग्रहालय 'इन्दिरा गाँधी मानव संग्रहालय' मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित है। यह वर्तमान में केंद्र सरकार के किस मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्तशासी संगठन है?
मानव संसाधन विकास मंत्रालय|पर्यटन मंत्रालय|संस्कृति मंत्रालय|विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संस्कृति मंत्रालय
UPSC, State PCS, SSC
भोपाल स्थित इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
भारत में पाषाणकालीन बस्तियों के अन्वेषण की शुरुआत सर्वप्रथम 1863 ई. में भूवैज्ञानिक रॉबर्ट ब्रूस फुट ने किस स्थान से हैंड-ऐक्स (कुल्हाड़ी) प्राप्त करके की थी?
अतिरम्पक्कम|पल्लवरम|भीमबेटका|हुंसगी
पल्लवरम
State PCS, RO/ARO, SSC
रॉबर्ट ब्रूस फुट ने मद्रास के निकट 'पल्लवरम' नामक स्थान से सबसे पहला पाषाणकालीन उपकरण (हैंड-ऐक्स) खोजा था।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) का जनक या पिता किसे माना जाता है, जिन्होंने भारत के प्राचीन स्थलों का व्यापक सर्वेक्षण किया?
सर जॉन मार्शल|जेम्स प्रिंसेप|सर अलेक्जेंडर कनिंघम|मार्टिमर व्हीलर
सर अलेक्जेंडर कनिंघम
UPSC, State PCS, Railways
सर अलेक्जेंडर कनिंघम को भारतीय पुरातत्व का जनक माना जाता है। वे इसके पहले महानिदेशक भी बने थे।
पुरापाषाण काल (Paleolithic Period) के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?
मानव मुख्य रूप से उत्पादक बन चुका था|मानव जीवन स्थायी था और बस्तियाँ थीं|मानव जीवन खानाबदोश तथा खाद्य-संग्राहक था|इस काल में लोहे का व्यापक प्रयोग होता था
मानव जीवन खानाबदोश तथा खाद्य-संग्राहक था
UPSC, State PCS
पुरापाषाण काल का मानव पूरी तरह शिकार पर निर्भर था। वह भोजन का संचय करता था और पशुओं की तरह केवल अपना पेट भरने तक ही सीमित था।
मानव इतिहास की सबसे पहली और क्रांतिकारी खोज 'आग का आविष्कार' किस काल की मुख्य देन मानी जाती है?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल
पुरापाषाण काल
SSC, Railways, RO/ARO
आग की खोज पुरापाषाण काल (Paleolithic Period) में हुई थी, जबकि इसका नियमित और व्यावहारिक उपयोग नवपाषाण काल में बड़े पैमाने पर शुरू हुआ।
जलवायु में हुए परिवर्तनों के आधार पर पुरापाषाण काल को किन तीन उप-कालों में विभाजित किया गया है?
निम्न, मध्य और उच्च पुरापाषाण काल|प्रारंभिक, विकसित और उत्तर पुरापाषाण काल|ताम्र, कांस्य और लौह पुरापाषाण काल|पाषाण, माइक्रोलिथ और मेगालिथ काल
निम्न, मध्य और उच्च पुरापाषाण काल
UPSC, State PCS
पुरापाषाण काल को पत्थरों के औजारों के स्वरूप और जलवायु परिवर्तनों के आधार पर निम्न पुरापाषाण, मध्य पुरापाषाण और उच्च पुरापाषाण काल में बांटा गया है।
'सोहन संस्कृति' या 'चॉपर-चॉपिंग पेबुल संस्कृति' का संबंध पाषाण काल के किस चरण से जोड़ा जाता है?
निम्न पुरापाषाण काल|मध्य पुरापाषाण काल|उच्च पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल
निम्न पुरापाषाण काल
UPSC, State PCS
सोहन नदी घाटी (वर्तमान पाकिस्तान) से चॉपर-चॉपिंग उपकरण मिलने के कारण इसे निम्न पुरापाषाण काल की 'सोहन संस्कृति' कहा जाता है।
निम्न पुरापाषाण काल के औजारों में 'पेबुल' (Pebble) किसे कहा जाता था?
हड्डी से बने नुकीले सुए को|नदी के बहाव में रगड़ खाकर चिकने और सपाट हुए पत्थरों को|मिट्टी के पके हुए बर्तनों को|गुफाओं की दीवारों पर की गई नक्काशी को
नदी के बहाव में रगड़ खाकर चिकने और सपाट हुए पत्थरों को
State PCS, RO/ARO
नदी के पानी के बहाव के कारण आपस में रगड़ खाकर गोल, चिकने और सपाट हो जाने वाले पत्थरों को पेबुल कहा जाता था, जिनसे प्रारंभिक हथियार बनते थे।
मध्य पुरापाषाण काल में पत्थरों के पतले 'फलक' (Flake) से बने हथियारों की अधिकता के कारण इस काल को किस अन्य संस्कृति के नाम से जाना जाता है?
कोर संस्कृति|फलक संस्कृति|क्वाटर्जाइट संस्कृति|ब्लेड संस्कृति
फलक संस्कृति
UPSC, State PCS
मध्य पुरापाषाण काल में फलक (Flake) से बने औजारों की प्रधानता थी, इसलिए एचडी सांकलिया ने इसे 'फलक संस्कृति' कहा था।
प्रागैतिहासिक मानव द्वारा निर्मित प्राचीनतम शैलचित्रों (Rock Paintings) के साक्ष्य मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित किन गुफाओं से मिलते हैं?
अजंता की गुफाएँ|एलोरा की गुफाएँ|भीमबेटका की गुफाएँ|बाघ की गुफाएँ
भीमबेटका की गुफाएँ
UPSC, State PCS, SSC, RO/ARO
भीमबेटका की गुफाओं (अब्दुल्लागंज, रायसेन) से पुरापाषाण काल से लेकर मध्यपाषाण काल तक के मानव द्वारा बनाई गई अद्भुत चित्रकारियों के साक्ष्य मिलते हैं।
आधुनिक मानव 'होमो सेपियंस' (Homo Sapiens) का पृथ्वी पर उदय और हिमयुग (Ice Age) की समाप्ति पाषाण काल के किस चरण में हुई?
निम्न पुरापाषाण काल|मध्य पुरापाषाण काल|उच्च पुरापाषाण काल|नवपाषाण काल
उच्च पुरापाषाण काल
UPSC, State PCS, SSC
उच्च पुरापाषाण काल (Upper Paleolithic Period) के दौरान ही जलवायु गर्म हुई, हिमयुग समाप्त हुआ और आधुनिक बुद्धिमान मानव (होमो सेपियंस) का उदय हुआ।
उच्च पुरापाषाण काल के मुख्य पाषाण उपकरण निम्नलिखित में से कौन से थे, जो अपनी लंबाई में चौड़ाई से दोगुने होते थे?
पेबुल और कोर|फलक (Flakes)|ब्लेड (Blade) और ब्यूरिन|कुल्हाड़ी (Hand-axe)
ब्लेड (Blade) और ब्यूरिन
UPSC, State PCS
उच्च पुरापाषाण काल की मुख्य विशेषता ब्लेड और ब्यूरिन उद्योग थी। ब्लेड पत्थर के वे पतले टुकड़े होते थे जिनकी लंबाई उनकी चौड़ाई से कम से कम दोगुनी होती थी।
मध्यपाषाण काल (Mesolithic Period) के बारे में भारत में सर्वप्रथम जानकारी 1867 ई. में किस पुराविद ने विंध्य क्षेत्र से लघु पाषाण उपकरण खोजकर दी थी?
सी.एल. कार्लाइल|जॉन लुबाक|रॉबर्ट ब्रूस फुट|एच.डी. सांकलिया
सी.एल. कार्लाइल
State PCS, RO/ARO
1867 ई. में सी.एल. कार्लाइल ने विंध्य क्षेत्र से छोटे पत्थरों के औजार खोजकर मध्यपाषाण काल की खोज की थी।
मध्यपाषाण काल के हथियारों का आकार बहुत छोटा (लगभग 1 से 5 सेमी) होता था, इसी कारण इन्हें तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
मेगालिथ (Megalith)|माइक्रोलिथ (Microlith)|मैक्रोलिथ (Macrolith)|नियोलिथ (Neolith)
माइक्रोलिथ (Microlith)
UPSC, State PCS, SSC, Railways
मध्यपाषाण काल के सूक्ष्म पाषाण औजारों को 'माइक्रोलिथ' (लघु पाषाण उपकरण) कहा जाता है।
मानव समाज में 'अंत्येष्टि कार्यक्रम' (अंतिम संस्कार/Funeral Rites) की व्यवस्थित शुरुआत किस काल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मानी जाती है?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल
मध्यपाषाण काल
State PCS, RO/ARO
मध्यपाषाण काल के मानव ने मृतकों का अंतिम संस्कार करना (अंत्येष्टि कार्यक्रम) विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया था।
भारत में मानव अस्थिपंजर (Human Skeleton) के सबसे पहले अवशेष मध्यपाषाण काल के किन स्थलों से प्राप्त हुए हैं?
बागौर और आदमगढ़|सराय नाहर राय और महदहा|बुर्जहोम और गुफकराल|चिरांद और चेचर
सराय नाहर राय और महदहा
UPSC, State PCS, RO/ARO
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित सराय नाहर राय और महदहा से मध्यपाषाण काल के मानव कंकाल और अस्थिपंजर भारी मात्रा में मिले हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित किस मध्यपाषाणकालीन स्थल से स्त्री-पुरुष को एक साथ दफनाने (दोहरा शवाधान / Double Burial) के साक्ष्य मिले हैं?
सराय नाहर राय|महदहा|कोल्डिहवा|लहुरादेव
महदहा
State PCS, RO/ARO
महदहा से मृगशृंग (हिरण के सींग) के छल्लों की माला, हड्डी के आभूषण और एक ही कब्र में स्त्री-पुरुष को साथ दफनाने के साक्ष्य मिले हैं।
उत्तर प्रदेश में स्थित 'दमदमा' नामक मध्यपाषाणकालीन पुरास्थल की क्या अनोखी विशेषता है, जो परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती है?
यहाँ से सबसे पहली तांबे की कुल्हाड़ी मिली|यहाँ एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल एक साथ मिले हैं|यहाँ चावल के प्राचीनतम साक्ष्य मिले|यहाँ गर्तवास के साक्ष्य मिले
यहाँ एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल एक साथ मिले हैं
State PCS, UPPSC, RO/ARO
दमदमा में कुल 41 मानव शवाधान मिले हैं, जिनमें से एक कब्र ऐसी है जहाँ तीन मानव कंकाल एक साथ दफनाए गए हैं।
भारत में प्रारंभिक 'पशुपालन' (Animal Husbandry) के सबसे प्राचीन और प्रामाणिक साक्ष्य मध्यपाषाण काल के किन दो स्थलों से प्राप्त होते हैं?
सराय नाहर राय (UP) और चिरंद (Bihar)|आदमगढ़ (MP) और बागौर (Rajasthan)|बुर्जहोम (Kashmir) और मेहरगढ़ (Balochistan)|लोथल (Gujarat) और कालीबंगा (Rajasthan)
आदमगढ़ (MP) और बागौर (Rajasthan)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
मध्यपाषाण काल के अंतिम दौर में पशुपालन के साक्ष्य मध्य प्रदेश के आदमगढ़ (होशंगाबाद) और राजस्थान के बागौर (भीलवाड़ा) से मिलते हैं।
भीलवाड़ा (राजस्थान) में कोठारी नदी के तट पर स्थित 'बागौर' स्थल के विषय में कौन सा कथन सत्य है?
यह भारत का सबसे छोटा पाषाणकालीन स्थल है|यह भारत का सबसे बड़ा मध्यपाषाणकालीन स्थल है|यहाँ से केवल कांस्य की मूर्तियाँ मिली हैं|यह लौह युग की राजधानी थी
यह भारत का सबसे बड़ा मध्यपाषाणकालीन स्थल है
UPSC, State PCS, RPSC
बागौर भारत का सबसे बड़ा मध्यपाषाणकालीन स्थल माना जाता है, जहाँ से बड़े पैमाने पर माइक्रोलिथ और पशुपालन के साक्ष्य मिले हैं।
प्रागैतिहासिक मानव द्वारा पाला गया सबसे पहला पशु निम्नलिखित में से कौन सा था?
गाय|बकरी|घोड़ा|कुत्ता
कुत्ता
SSC, Railways, SSC GD
मानव द्वारा सबसे पहले 'कुत्ते' को अपना पालतू पशु बनाया गया था, जो शिकार और सुरक्षा में मददगार साबित हुआ।
'नवपाषाण काल' (Neolithic Period) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम 1865 ई. में सर जॉन लुबाक ने अपनी किस प्रसिद्ध पुस्तक में किया था?
द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज|प्री-हिस्टोरिक टाइम्स|एन्शिएंट इंडिया|हिस्टोरिका
प्री-हिस्टोरिक टाइम्स
UPSC, State PCS
सर जॉन लुबाक ने 1865 ई. में अपनी पुस्तक 'Pre-historic Times' में पहली बार 'नियोलिथिक' (नवपाषाण) शब्द का प्रयोग किया।
मानव के जीवन में 'स्थायी आवास' (Settled Life), व्यवस्थित 'कृषि' और 'पहिए का आविष्कार' किस काल की प्रमुख देन हैं?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल
नवपाषाण काल
UPSC, State PCS, SSC, Railways
नवपाषाण काल में जब मानव ने खेती करना शुरू किया, तो फसलों की देखभाल के लिए उसने स्थायी बस्तियाँ बनाईं। इसी काल में पहिए और मिट्टी के घड़े (मनका) का आविष्कार हुआ।
कृषि के सबसे प्राचीन और पारंपरिक साक्ष्य (लगभग 7000 ई.पू. के गेहूं और जौ) पाकिस्तान के बलूचिस्तान में किन पहाड़ियों के बीच स्थित मेहरगढ़ से प्राप्त हुए हैं?
हिन्दूकुश और सुलेमान|सुलेमान और कीर्थर पहाड़ियों|अरावली और कीर्थर|हिमालय और साल्ट रेंज
सुलेमान और कीर्थर पहाड़ियों
UPSC, State PCS, RO/ARO
मेहरगढ़ बलूचिस्तान में सुलेमान और कीर्थर पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहाँ से 7000 ई.पू. के आसपास गेहूं, जौ की खेती और स्थायी जीवन के साक्ष्य मिले हैं।
नवीनतम पुरातात्विक खोजों के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि और चावल का सबसे प्राचीनतम साक्ष्य (लगभग 9000 ई.पू. से 7000 ई.पू.) उत्तर प्रदेश के किस स्थल से प्राप्त हुआ है, जिसने मेहरगढ़ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है?
कोल्डिहवा|लहुरादेव|सराय नाहर राय|महोली
लहुरादेव
UPSC, State PCS, UPPSC, RO/ARO
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित 'लहुरादेव' से नवीनतम खोजों में 9000 ई.पू. से 7000 ई.पू. के बीच चावल के साक्ष्य मिले हैं, जो अब उपमहाद्वीप का प्राचीनतम कृषि साक्ष्य है।
यदि परीक्षा में 'लहुरादेव' विकल्प में न हो, तो भारतीय उपमहाद्वीप में चावल (धान) की खेती का सबसे प्राचीन साक्ष्य (6000 ई.पू.) कहाँ से माना जाता है?
मेहरगढ़|चिरांद|कोल्डिहवा|बुर्जहोम
कोल्डिहवा
State PCS, RO/ARO, SSC
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) के बेलन घाटी में स्थित 'कोल्डिहवा' से 6000 ई.पू. के धान की भूसी और चावल के साक्ष्य मिले हैं।
कश्मीर घाटी में स्थित 'बुर्जहोम' (Burzahom) नामक नवपाषाणकालीन स्थल से कौन सा अनोखा साक्ष्य मिला है जो ठंडी जलवायु से बचने के लिए बनाया गया था?
राख के ऊंचे टीले|गर्तवास (जमीन के अंदर गड्ढा घर)|ईंटों के पक्के मकान|हवादार महल
गर्तवास (जमीन के अंदर गड्ढा घर)
UPSC, State PCS, SSC
बुर्जहोम का अर्थ है 'प्लेस ऑफ बर्च'। यहाँ के लोग जमीन के अंदर गड्ढा बनाकर रहते थे, जिसे गर्तवास (Pit-dwelling) कहा जाता है। यहाँ कब्रों में मालिक के साथ पालतू कुत्ते को भी दफनाने का साक्ष्य मिला है।
कश्मीर के 'गुफकराल' (Gufkral) नवपाषाणकालीन स्थल का शाब्दिक अर्थ क्या होता है, जहाँ से कृषि, पशुपालन और हड्डी के सुए मिले हैं?
बुनकर की गुफा|कुम्हार की गुफा (कंदरा)|शिकारी का घर|पत्थरों का टीला
कुम्हार की गुफा (कंदरा)
UPSC, State PCS
गुफकराल का शाब्दिक अर्थ 'कुम्हार की गुफा' होता है। यह कश्मीर में स्थित एक प्रमुख नवपाषाणकालीन स्थल है।
बिहार के सारण जिले में स्थित 'चिरांद' (Chirand) नामक नवपाषाणकालीन स्थल से भारी मात्रा में किस वस्तु के बने उपकरण और हथियार मिले हैं?
तांबे के औजार|हड्डी (विशेषकर हिरण के सींग) के उपकरण|लोहे की तलवारें|कांस्य की कुल्हाड़ियाँ
हड्डी (विशेषकर हिरण के सींग) के उपकरण
State PCS, BPSC, SSC
बिहार के चिरांद से नवपाषाण काल के हड्डी के उपकरण प्रचुर मात्रा में मिले हैं, जो मुख्य रूप से हिरण के सींगों (Antlers) से निर्मित हैं।
कर्नाटक के मैसूर के निकट स्थित 'संगनकल्लू' (Sangankallu) और आंध्र प्रदेश के उतनूर से किस प्रकार के पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं, जो पशुपालक चरवाहों से संबंधित हैं?
अनाज के बड़े गोदाम|राख के टीले (Ash Mounds)|तांबे की भट्टियाँ|गोदीबाड़ा (Dockyard)
राख के टीले (Ash Mounds)
UPSC, State PCS, RO/ARO
दक्षिण भारत के नवपाषाणकालीन स्थलों जैसे संगनकल्लू और पिकलीहल से 'राख के टीले' मिले हैं। ये टीले पशुओं के गोबर को इकट्ठा करके उसमें आग लगाने से बने थे।
असम और उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित किस नवपाषाणकालीन स्थल से 'पॉलिशदार पत्थर के औजार' और चीनी मिट्टी की वस्तुएं मिली हैं?
चिरांद|बुर्जहोम|दाओजली हेडिंग (Daojali Hading)|कोल्डिहवा
दाओजली हेडिंग (Daojali Hading)
UPSC, State PCS
दाओजली हेडिंग असम की पहाड़ियों में स्थित नवपाषाण स्थल है, जहाँ से कृषि और पॉलिशदार पाषाण उपकरण प्राप्त हुए हैं।
पाषाण काल के अंतिम चरण में, जब पत्थरों के साथ-साथ धातुओं का प्रयोग भी शुरू हुआ, उस काल को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
कांस्य युग|लौह युग|ताम्र पाषाण काल (Chalcolithic Period)|महारथ काल
ताम्र पाषाण काल (Chalcolithic Period)
SSC, Railways, State PCS
पत्थर और तांबे के संयुक्त प्रयोग के कारण इस काल को ताम्रपाषाणिक काल या कैल्कोलिथिक (Chalcolithic) युग कहा जाता है।
मानव द्वारा खोजी और उपयोग की गई सबसे पहली धातु (First Metal) कौन सी थी?
लोहा|कांसा|तांबा|पीतल
तांबा
SSC, Railways, SSC GD
मानव ने सबसे पहले 'तांबे' (Copper) धातु की खोज की और इसके बाद ही धातु युग की शुरुआत हुई।
राजस्थान के बनास घाटी क्षेत्र में स्थित प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल 'अहाड़' (Ahar) को वहाँ तांबे की प्रचुर उपलब्धता के कारण प्राचीन काल में किस नाम से पुकारा जाता था?
लौहवती|तांबवती (तांबा वाली जगह)|गिलुंड|कायथा
तांबवती (तांबा वाली जगह)
State PCS, RPSC, RO/ARO
अहाड़ का प्राचीन नाम 'तांबवती' था क्योंकि यहाँ बड़े पैमाने पर तांबा गलाने की भट्टियाँ और तांबे के उपकरण मिले हैं।
ताम्रपाषाण काल के किस स्थल से प्राप्त मिट्टी के बर्तनों (Pottery) को पूरे ताम्रपाषाण युग में 'सर्वोत्तम मृदभांड' माना जाता है?
अहाड़ मृदभांड|मालवा मृदभांड|जोर्वे मृदभांड|चिरंद मृदभांड
मालवा मृदभांड
UPSC, State PCS
ताम्रपाषाण काल में मालवा से प्राप्त मृदभांड अपनी उत्कृष्ट कला और फिनिशिंग के कारण सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध ताम्रपाषाणिक पुरास्थल 'नवदाटोली' (Navdatoli) का वैज्ञानिक उत्खनन किस प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एच.डी. सांकलिया ने कराया था?
दिल्ली विश्वविद्यालय|दक्कन कॉलेज, पुणे|कलकत्ता विश्वविद्यालय|इलाहाबाद विश्वविद्यालय
दक्कन कॉलेज, पुणे
UPSC, State PCS
नवदाटोली का व्यापक उत्खनन दक्कन कॉलेज पुणे के डॉ. एच.डी. सांकलिया द्वारा करवाया गया था। यहाँ से सभी अनाजों के साक्ष्य मिले हैं।
महाराष्ट्र में फैली ग्रामीण संस्कृति 'जोर्वे संस्कृति' (Jorwe Culture) के अंतर्गत सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण किलेबंद ताम्रपाषाणिक बस्ती कौन सी थी, जहाँ से मातृदेवी की मूर्तियाँ भी मिली हैं?
नासिक|नेवासा|दैमाबाद|इनामगाँव
इनामगाँव
UPSC, State PCS
इनामगाँव जोर्वे संस्कृति की सबसे बड़ी बस्ती थी। यह चारों तरफ से खाइयों और दीवारों से किलेबंद थी और यहाँ से मातृदेवी की मिट्टी की मूर्तियाँ मिली हैं।
महाराष्ट्र की ताम्रपाषाणिक बस्तियों जैसे 'चंदोली' और 'नेवासा' से बच्चों के शवों को दफनाने की कौन सी अनूठी प्रथा का पता चलता है?
उन्हें गुफाओं में खुला छोड़ दिया जाता था|उनके गलों में तांबे के मनकों का हार पहनाकर बर्तनों में रखकर घरों के फर्श के नीचे दफनाया जाता था|उन्हें नदी में प्रवाहित किया जाता था|उनका पूरी तरह दाह संस्कार होता था
उनके गलों में तांबे के मनकों का हार पहनाकर बर्तनों में रखकर घरों के फर्श के नीचे दफनाया जाता था
State PCS, RO/ARO
चंदोली और नेवासा में बच्चों को दफनाने की यह विशेष प्रथा पाई गई है, जहाँ शवों के साथ तांबे के आभूषण और बर्तनों को भी रखा जाता था।
भारत में अब तक की सबसे बड़ी 'ताम्र निधि' (तांबे के उपकरणों का सबसे बड़ा जखीरा/Copper Hoard) मध्य प्रदेश के किस स्थान से प्राप्त हुई है, जिसमें 424 तांबे के औजार शामिल हैं?
नवदाटोली|गुंगेरिया (Gungeria)|कायथा|अहाड़
गुंगेरिया (Gungeria)
UPSC, State PCS
मध्य प्रदेश के गुंगेरिया से भारत की सबसे बड़ी ताम्र उपकरण निधि (424 तांबे के औजार और 102 चांदी के पतले पत्तर) मिली है।
बर्तनों पर विभिन्न प्रकार के रंग-रोगन और चित्र बनाने की कला यानी 'चित्रित मृदभांड' (Painted Pottery) का सर्वप्रथम बड़े पैमाने पर प्रयोग किस काल में शुरू हुआ?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल|लौह युग
ताम्र पाषाण काल
State PCS, SSC
ताम्रपाषाण काल के लोग चाक पर बने बर्तनों का प्रयोग करते थे और उन पर काले व लाल रंग से सुंदर चित्रकारी करते थे।
प्राचीन शिलालेखों, स्तंभलेखों और गुहालेखों के वैज्ञानिक अध्ययन को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
न्यूमिस्मेटिक्स|एपीग्राफी (Epigraphy)|पेलियोग्राफी|आर्कियोलॉजी
एपीग्राफी (Epigraphy)
SSC, Railways, State PCS
अभिलेखों या शिलालेखों के अध्ययन को 'एपीग्राफी' (पुरालेखशास्त्र) कहा जाता है।
प्राचीन भारतीय सिक्कों (Coins) के धातु, भार और काल निर्धारण के वैज्ञानिक अध्ययन को क्या कहा जाता है?
एपीग्राफी|न्यूमिस्मेटिक्स (Numismatics)|हिस्टोरियोग्राफी|एन्थ्रोपोलॉजी
न्यूमिस्मेटिक्स (Numismatics)
SSC, Railways, RO/ARO
सिक्कों और मुद्राओं के अध्ययन को 'न्यूमिस्मेटिक्स' (मुद्राशास्त्र) कहा जाता है।
एशिया माइनर (मध्य एशिया) से प्राप्त लगभग 1400 ई.पू. के किस प्राचीनतम अभिलेख पर ऋग्वैदिक काल के चार देवताओं (इंद्र, मित्र, वरुण और नासत्य) के नाम मिलते हैं?
बोगजकोई अभिलेख (Boghazkoi)|बेहिस्तून अभिलेख|नक्श-ए-रुस्तम अभिलेख|पर्सीपोलिस अभिलेख
बोगजकोई अभिलेख (Boghazkoi)
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तुर्की/मध्य एशिया के बोगजkoi से प्राप्त अभिलेख भारत के आर्यों के इतिहास और ऋग्वेद की तिथि निर्धारित करने में बहुत सहायक है।
भारत में सबसे प्राचीन और व्यापक रूप से फैले हुए अभिलेख मौर्य सम्राट अशोक के माने जाते हैं। अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम 1837 ई. में किसने पढ़ा था?
अलेक्जेंडर कनिंघम|विलियम जोंस|जेम्स प्रिंसेप|सर जॉन मार्शल
जेम्स प्रिंसेप
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ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने 1837 ई. में पहली बार अशोक की 'ब्राह्मी लिपि' को पढ़ने में सफलता पाई थी।
कलिंग के किस महामेघवाहन वंश के प्रतापी शासक का 'हाथीगुम्फा अभिलेख' बिना किसी तिथि के (तिथिरहित) उसकी घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण देता है?
रुद्रदामन|खारवेल|पुष्यमित्र शुंग|गौतमीपुत्र शातकर्णी
खारवेल
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उड़ीसा के उदयगिरि पहाड़ी से प्राप्त हाथीगुम्फा अभिलेख कलिंग राजा खारवेल के जीवन और विजयों का सबसे प्रामाणिक स्रोत है।
गुजरात के गिरनार में स्थित शक क्षत्रप रुद्रदामन का 'जूनागढ़ अभिलेख' भारतीय इतिहास में क्यों विशेष स्थान रखता है?
यह भारत का पहला लौह अभिलेख है|यह पूरी तरह से संस्कृत भाषा में जारी पहला सबसे लंबा अभिलेख है|यह प्राकृत लिपि का अंतिम अभिलेख है|इसमें केवल बौद्ध धर्म का प्रचार है
यह पूरी तरह से संस्कृत भाषा में जारी पहला सबसे लंबा अभिलेख है
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रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख विशुद्ध रूप से संस्कृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा गया पहला बड़ा और ऐतिहासिक अभिलेख है, जिसमें सुदर्शन झील के इतिहास का वर्णन है।
गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित 'प्रयाग प्रशस्ति स्तंभ लेख' (Prayag Prashasti) किस शैली में लिखा गया है?
केवल पद्य शैली|केवल गद्य शैली|चम्पू शैली (गद्य और पद्य का मिश्रण)|खरोष्ठी शैली
चम्पू शैली (गद्य और पद्य का मिश्रण)
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प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की विजयों का वर्णन करती है। इसकी भाषा संस्कृत है और यह गद्य-पद्य मिश्रित चम्पू शैली का सुंदर उदाहरण है।
चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय और वर्धन वंश के राजा हर्षवर्धन के बीच नर्मदा नदी के तट पर हुए भीषण युद्ध का विवरण किस अभिलेख से मिलता है?
प्रयाग अभिलेख|ऐहोल अभिलेख (Aihole)|भितरी स्तंभ लेख|मन्दसौर अभिलेख
ऐहोल अभिलेख (Aihole)
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कर्नाटक में स्थित ऐहोल अभिलेख की रचना जैन कवि रविकीर्ति ने की थी, जिसमें पुलकेशिन द्वितीय द्वारा हर्षवर्धन को पराजित करने का उल्लेख है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित स्कंदगुप्त के 'भितरी स्तंभ लेख' (Bhitari Inscription) से किस विदेशी बर्बर जाति के आक्रमण की जानकारी मिलती है?
शकों के आक्रमण की|कुषाणों के आक्रमण की|हूँणों के आक्रमण की|मंगोलों के आक्रमण की
हूँणों के आक्रमण की
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भितरी स्तंभ लेख से पता चलता है कि गुप्त शासक स्कंदगुप्त ने भारत पर आक्रमण करने वाले क्रूर हूँणों (Hunas) को बुरी तरह पराजित किया था।
मध्य प्रदेश के विदिशा (बेसनगर) से प्राप्त यूनानी राजदूत हेलियोडोरस का 'गरुड़ स्तंभ लेख' प्राचीन भारत में किस धर्म के विकास का सबसे बड़ा पुरातात्विक साक्ष्य है?
बौद्ध धर्म|जैन धर्म|भागवत (वैष्णव) धर्म|शैव धर्म
भागवत (वैष्णव) धर्म
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तक्षशिला के यवन राजदूत हेलियोडोरस ने भागवत धर्म स्वीकार किया था और विदिशा में भगवान विष्णु को समर्पित गरुड़ ध्वज की स्थापना की थी।
भारत के प्राचीनतम सिक्कों पर कोई लेख नहीं होता था, बल्कि उन पर पेड़, मछली, सांड़, हाथी आदि के चित्र ठप्पा मारकर बनाए जाते थे। इन्हें क्या कहा जाता है?
दिनार|निष्क|आहत सिक्के (Punch-marked Coins)|टंका
आहत सिक्के (Punch-marked Coins)
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ईसा पूर्व 5वीं सदी के इन सिक्कों को धातु पर ठप्पा मारकर (पंच करके) बनाए जाने के कारण आहत सिक्के या पंचमार्क सिक्के कहा जाता है। प्राचीन साहित्य में इन्हें 'काषार्पण' कहा गया है।
भारत के इतिहास में सिक्कों पर राजाओं के नाम, चित्र और तिथियाँ (लेख वाले सिक्के) उत्कीर्ण करने का कार्य सर्वप्रथम किन शासकों ने प्रारंभ किया था?
मौर्य शासकों ने|यवन शासकों ने (Indo-Greeks)|कुषाण शासकों ने|गुप्त शासकों ने
यवन शासकों ने (Indo-Greeks)
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भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के और सिक्कों पर बाकायदा लेख लिखने की परंपरा हिंद-यवन या इंडो-ग्रीक राजाओं ने शुरू की थी।
भारत में कुषाण राजाओं ने भारी मात्रा में सोने के सिक्के चलाए। कुषाणों द्वारा जारी सोने के सिक्कों की मुख्य विशेषता क्या थी?
वे वजन में बहुत हल्के थे|वे भारत के इतिहास में 'सबसे शुद्ध सोने के सिक्के' थे|वे केवल चांदी मिश्रित थे|उन पर कोई चित्र नहीं था
वे भारत के इतिहास में 'सबसे शुद्ध सोने के सिक्के' थे
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यद्यपि सर्वाधिक सोने के सिक्के गुप्त राजाओं ने जारी किए, लेकिन कुषाणों (विशेषकर कनिष्क और विम कडफिसेस) के सिक्के शुद्धता के मामले में सर्वोत्तम (124 ग्रेन के) थे।
दक्षिण भारत के किस प्रसिद्ध राजवंश के राजाओं ने मुख्य रूप से 'सीसे' (Lead) और पोटीन के सिक्के भारी मात्रा में जारी किए थे?
चोल वंश|चेर वंश|सातवाहन वंश|पल्लव वंश
सातवाहन वंश
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सातवाहन राजाओं ने अपने व्यापार और विनिमय के लिए सीसे, पोटीन, तांबे और कांसे की मुद्राएं बड़े पैमाने पर चलाई थीं।
गुप्त काल के किस प्रतापी सम्राट के सिक्कों पर उसे 'वीणा बजाते हुए' दिखाया गया है, जो उसके संगीत प्रेमी होने का अकाट्य पुरातात्विक प्रमाण है?
चंद्रगुप्त प्रथम|समुद्रगुप्त|चंद्रगुप्त विक्रमादित्य|स्कंदगुप्त
समुद्रगुप्त
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समुद्रगुप्त के सिक्कों से उसके बहुमुखी व्यक्तित्व का पता चलता है। उसके एक सिक्के पर उसे वीणा वादन करते हुए अंकित किया गया है।
प्राचीन भारतीय इतिहास में गांधार कला और मथुरा कला शैलियों के अंतर्गत 'मूर्तियों का निर्माण' व्यापक रूप से किस काल से प्रारंभ हुआ माना जाता है?
मौर्य काल|कुषाण काल|गुप्त काल|शुंग काल
कुषाण काल
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कुषाण काल में विदेशी और भारतीय शैलियों के मिश्रण से मूर्तिकला का अभूतपूर्व विकास हुआ और पहली बार बुद्ध की मानव रूप में मूर्तियाँ बनीं।
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—इन चारों वेदों को संयुक्त रूप से धार्मिक साहित्य में क्या कहा जाता है?
वेदांग|उपनिषद|संहिता|ब्राह्मण ग्रंथ
संहिता
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चारों वेदों के मूल मंत्रों के संकलन वाले भाग को संयुक्त रूप से 'संहिता' (Samhita) कहा जाता है।
विश्व का सबसे प्राचीनतम ग्रंथ माना जाने वाला 'ऋग्वेद' कितने मंडलों (Chapters) और सूक्तों (Hymns) में विभाजित है?
8 मंडल और 1000 सूक्त|10 मंडल और 1028 सूक्त|12 मंडल और 1050 सूक्त|18 मंडल और 1028 सूक्त
10 मंडल और 1028 सूक्त
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ऋग्वेद में कुल 10 मंडल और 1028 सूक्त हैं। इसके मंत्रों को पढ़ने वाले ऋषि को 'होत्र' या 'होतृ' कहा जाता है।
सूर्य देवता 'सवितृ' (सावित्री) को समर्पित प्रसिद्ध 'गायत्री मंत्र' का उल्लेख ऋग्वेद के किस मंडल में मिलता है, जिसकी रचना महर्षि विश्वामित्र ने की थी?
प्रथम मंडल|तृतीय मंडल|नवम मंडल|दशम मंडल
तृतीय मंडल
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ऋग्वेद के तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र है। नवम मंडल पूरी तरह से देवता 'सोम' को समर्पित है।
भारतीय समाज के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) की उत्पत्ति का प्रथम लिखित साक्ष्य ऋग्वेद के किस भाग में मिलता है?
तीसरे मंडल के गायत्री मंत्र में|सातवें मंडल के दशराज्ञ युद्ध में|दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में|आठवें मंडल की खिल ऋचाओं में
दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में
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ऋग्वेद के 10वें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में पहली बार चतुर्वर्ण व्यवस्था का वर्णन मिलता है, जहाँ आदिपुरुष के अंगों से वर्णों की उत्पत्ति बताई गई है।
'ऐतरेय' और 'कौषीतकि' निम्नलिखित में से किस वेद के प्रमुख ब्राह्मण ग्रंथ (Explanatory Texts) हैं?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
ऋग्वेद
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वेदों की बातों को सरल गद्य में समझाने के लिए ब्राह्मण ग्रंथ लिखे गए। ऐतरेय और कौषीतकि ऋग्वेद के ब्राह्मण ग्रंथ हैं।
यज्ञों के नियमों, धार्मिक विधियों और अनुष्ठानों का संकलन होने के कारण किस वेद को विशुद्ध रूप से 'कर्मकांडीय वेद' कहा जाता है?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
यजुर्वेद
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यजुर्वेद कर्मकांड प्रधान वेद है। इसके मंत्रों का उच्चारण करने वाले पुरोहित को 'अध्वर्यु' कहा जाता है।
चारों वेदों में से वह एकमात्र वेद कौन सा है जिसकी रचना गद्य (Prose) और पद्य (Poetry) दोनों विधाओं में की गई है?
ऋग्वेद|सामवेद|यजुर्वेद|अथर्ववेद
यजुर्वेद
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यजुर्वेद के दो भाग हैं: कृष्ण यजुर्वेद (जो गद्य और पद्य दोनों में है) और शुक्ल यजुर्वेद (जो केवल पद्य में है)।
ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण 'शतपथ ब्राह्मण' (जिसमें कृषि और स्त्री को अर्धांगिनी बताया गया है) किस वेद का ब्राह्मण ग्रंथ है?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
यजुर्वेद
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शतपथ और तैत्तिरीय यजुर्वेद के ब्राह्मण ग्रंथ हैं। शतपथ ब्राह्मण ऋग्वेद के बाद सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है।
भारतीय संगीत कला, स्वरों (सा, रे, गा, मा...) और गायन पद्धति का मूल उद्गम या 'भारतीय संगीत का जनक' किस वेद को माना जाता है?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
सामवेद
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सामवेद का अर्थ ही 'गान' होता है। यज्ञों के अवसर पर गाए जाने वाले मंत्रों का संकलन इसमें है। इसके गायक को 'उद्गाता' कहते हैं।
'पंचविश' (ताण्ड्य ब्राह्मण) और 'षडविश' किस वेद के आधिकारिक ब्राह्मण ग्रंथ हैं?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
सामवेद
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पंचविश ब्राह्मण सामवेद से जुड़ा है। इसे इसके विशाल आकार के कारण 'महाब्राह्मण' भी कहा जाता है।
ऋषियों अथर्वा और आंगिरस द्वारा सबसे अंत में रचित वह कौन सा वेद है जिसमें दैनिक जीवन के जादू-टोना, भूत-प्रेत निवारण, औषधि और वशीकरण का विवरण है?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
अथर्ववेद
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अथर्ववेद सबसे नवीन वेद है। इसमें अंधविश्वासों, जड़ी-बूटियों, और सामाजिक विचारों का विस्तृत संग्रह है। इसके वाचक को 'ब्रह्मा' कहा जाता था।
अन्य सभी वेदों के कई ब्राह्मण ग्रंथ हैं, लेकिन 'अथर्ववेद' का एकमात्र ब्राह्मण ग्रंथ कौन सा है जो परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है?
ऐतरेय ब्राह्मण|शतपथ ब्राह्मण|गोपथ ब्राह्मण|पंचविश ब्राह्मण
गोपथ ब्राह्मण
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अथर्ववेद का केवल एक ही ब्राह्मण ग्रंथ उपलब्ध है, जिसे 'गोपथ ब्राह्मण' कहा जाता है।
भारत का प्रसिद्ध राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' (Satyameva Jayate) निम्नलिखित में से किस उपनिषद से उद्धृत किया गया है?
कठोपनिषद|मुंडकोपनिषद|माण्डूक्योपनिषद|छान्दोग्योपनिषद
मुंडकोपनिषद
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'सत्यमेव जयते' अथर्ववेद के 'मुंडकोपनिषद' से लिया गया है। ध्यान रहे कि नचिकेता-यम संवाद 'कठोपनिषद' में है।
वेदों के क्लिष्ट शब्दों, उच्चारण और अर्थ को अच्छी तरह समझने के लिए कुल कितने 'वेदांगों' (Vedangas) की रचना की गई है?
4 वेदांग|6 वेदांग|18 वेदांग|108 वेदांग
6 वेदांग
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वेदांगों की संख्या 6 है: शिक्षा (उच्चारण), कल्प (नियम/रस्म), व्याकरण, निरुक्त (शब्द व्युत्पत्ति), छंद और ज्योतिष।
महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित 'महाभारत' का प्राचीन नाम क्या था, जब इसमें केवल 8,800 श्लोक थे और इसका अर्थ 'विजय संबंधी ग्रंथ' था?
भारत संहिता|जय संहिता|शतसाहस्री संहिता|हरिवंश पुराण
जय संहिता
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महाभारत का प्रारंभिक नाम 'जय संहिता' था। श्लोकों की संख्या 1 लाख हो जाने पर इसे 'महाभारत' या 'शतसाहस्री संहिता' कहा गया।
प्राचीन भारतीय इतिहास के राजवंशों की वंशावली देने वाले 'पुराणों' (Puranas) की कुल संख्या 18 है। इनमें सबसे प्राचीन और प्रामाणिक पुराण कौन सा है?
विष्णु पुराण|वायु पुराण|मत्स्य पुराण|भागवत पुराण
मत्स्य पुराण
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मत्स्य पुराण सबसे प्राचीन है। पुराणों के रचयिता लोमहर्ष और उनके पुत्र उग्रश्रवा माने जाते हैं।
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से 'मत्स्य पुराण' और 'विष्णु पुराण' का संबंध क्रमशः किन प्राचीन भारतीय राजवंशों से है?
मौर्य वंश और गुप्त वंश|सातवाहन वंश और मौर्य वंश|गुप्त वंश और शुंग वंश|सातवाहन वंश और गुप्त वंश
सातवाहन वंश और मौर्य वंश
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मत्स्य पुराण का संबंध आंध्र-सातवाहन वंश से है, जबकि विष्णु पुराण का संबंध मौर्य वंश से और वायु पुराण का संबंध गुप्त वंश से है।
12वीं शताब्दी में कल्हण द्वारा रचित 'राजतरंगिणी' (Rajatarangini) को भारतीय इतिहास में क्यों सर्वोच्च स्थान प्राप्त है?
यह भारत की पहली भौगोलिक पुस्तक है|यह पूरी तरह से निष्पक्ष रूप से लिखा गया भारत का पहला ऐतिहासिक और क्रमिक इतिहास ग्रंथ है|यह बौद्ध धर्म का मुख्य ग्रंथ है|यह केवल कविताओं का संग्रह है
यह पूरी तरह से निष्पक्ष रूप से लिखा गया भारत का पहला ऐतिहासिक और क्रमिक इतिहास ग्रंथ है
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राजतरंगिणी संस्कृत में है और इसमें कश्मीर का प्रामाणिक इतिहास है। इसे भारत का पहला वैज्ञानिक इतिहास ग्रंथ माना जाता है।
संस्कृत व्याकरण की पहली प्रामाणिक और वैज्ञानिक पुस्तक 'अष्टाध्यायी' (Ashtadhyayi) के रचयिता कौन हैं?
महर्षि पतंजलि|महर्षि पाणिनि|कालिदास|चाणक्य
महर्षि पाणिनि
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अष्टाध्यायी की रचना पाणिनि ने की थी। इस पुस्तक से मौर्य काल के पहले के भारत की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति का पता चलता है।
कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' (Arthashastra) मुख्य रूप से किस विषय पर आधारित एक उत्कृष्ट भारतीय ग्रंथ है?
प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था पर|मौर्यकालीन राजनीति और लोक प्रशासन की नीतियों पर|धार्मिक कर्मकांडों पर|विदेशी व्यापार की तकनीकों पर
मौर्यकालीन राजनीति और लोक प्रशासन की नीतियों पर
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नाम अर्थशास्त्र होने के बावजूद यह पुस्तक पूरी तरह से राजनीति, शासन-व्यवस्था और लोक प्रशासन पर आधारित है। यह 15 अधिकरणों (भागों) में बंटी है।
शुंग वंश के इतिहास पर प्रकाश डालने वाली प्रसिद्ध पुस्तक 'महाभाष्य' (Mahabhashya) के रचयिता कौन हैं, जो पुष्यमित्र शुंग के पुरोहित भी थे?
पाणिनि|पतंजलि|विशाखदत्त|बाणभट्ट
पतंजलि
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महर्षि पतंजलि ने पाणिनि की अष्टाध्यायी पर टीका लिखते हुए 'महाभाष्य' की रचना की, जिससे शुंग काल के इतिहास की जानकारी मिलती है।
गुप्त काल में विशाखदत्त द्वारा रचित नाटक 'मुद्राराक्षस' (Mudrarakshasa) से किस ऐतिहासिक घटना की विस्तृत जानकारी मिलती है?
अशोक के कलिंग युद्ध की|चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा चाणक्य की सहायता से नंद वंश का नाश करने की|हर्षवर्धन की विजयों की|समुद्रगुप्त के दक्षिण अभियान की
चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा चाणक्य की सहायता से नंद वंश का नाश करने की
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मुद्राराक्षस मौर्य इतिहास, विशेषकर चंद्रगुप्त मौर्य के राजा बनने और नंदों के पतन की जासूसी कथा पर आधारित एक अनूठा नाटक है।
गुप्तकालीन महान कवि कालिदास द्वारा रचित नाटक 'मालविकाग्निमित्रम्' का नायक अग्निमित्र किस राजवंश का राजा था?
मौर्य वंश|शुंग वंश|गुप्त वंश|सातवाहन वंश
शुंग वंश
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मालविकाग्निमित्रम् शुंग राजा पुष्यमित्र शुंग के पुत्र अग्निमित्र और मालविका की प्रेम कहानी और राजनीतिक घटनाओं पर आधारित नाटक है।
वर्धन वंश के प्रतापी राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट ने निम्नलिखित में से किन दो प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों की रचना की थी?
हर्षचरित और रत्नावली|हर्षचरित और कादंबरी|कादंबरी और प्रियदर्शिका|प्रियदर्शिका और नागानंद
हर्षचरित और कादंबरी
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बाणभट्ट ने 'हर्षचरित' (हर्ष की जीवनी) और 'कादंबरी' (दुनिया का पहला उपन्यास) लिखा था, जबकि रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद स्वयं राजा हर्षवर्धन की रचनाएँ हैं।
गुप्त काल में शूद्रक द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक 'मृच्छकटिकम्' (Mricchakatikam) का शाब्दिक अर्थ क्या है, जो प्राचीन नगरीय समाज को दर्शाता है?
सोने का महल|मिट्टी की छोटी गाड़ी (खिलौना)|गरीब ब्राह्मण|राजा का मुकुट
मिट्टी की छोटी गाड़ी (खिलौना)
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मृच्छकटिकम् का अर्थ 'मिट्टी का खिलौना गाड़ी' है। इसमें एक गरीब ब्राह्मण चारुदत्त और गणिका वसंतसेना की कहानी के माध्यम से गुप्तकालीन समाज का सजीव चित्रण है।
यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर के उस राजदूत का नाम क्या था जिसने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहकर 'इंडिका' (Indica) नामक पुस्तक लिखी थी?
डाईमेकस|मेगस्थनीज (Megasthenes)|टॉलेमी|प्लिनी
मेगस्थनीज (Megasthenes)
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मेगस्थनीज की 'इंडिका' मौर्य प्रशासन, पाटलिपुत्र के नगर प्रबंधन और भारतीय समाज को सात श्रेणियों में विभाजित करने के विवरण के लिए प्रसिद्ध है।
चीनी बौद्ध यात्री फाहियान (Faxian) गुप्त वंश के किस सम्राट के शासनकाल में भारत आया था और उसने यहाँ के समाज को सुखी व समृद्ध बताया था?
चंद्रगुप्त प्रथम|समुद्रगुप्त|चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)|कुमारगुप्त
चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
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फाहियान 5वीं शताब्दी की शुरुआत में चंद्रगुप्त द्वितीय के काल में भारत आया था। उसकी पुस्तक का नाम 'फो-क्यो-की' है।
चीनी यात्रियों के राजकुमार कहे जाने वाले ह्वेनसांग (Xuanzang) ने किस राजा के काल में भारत की यात्रा की और नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म की शिक्षा ली?
चंद्रगुप्त मौर्य|कनिष्क|हर्षवर्धन|पुलेक शिन द्वितीय
हर्षवर्धन
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ह्वेनसांग 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के समय भारत आया था। उसका प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांत 'सी-यू-की' (Si-Yu-Ki) के नाम से जाना जाता है।
11वीं शताब्दी में मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी के साथ भारत आए किस प्रसिद्ध विद्वान ने भारत के विज्ञान, गणित और समाज का आँखों देखा विवरण 'तहकीक-ए-हिन्द' (किताबुल हिन्द) में दिया है?
इब्नबतूता|अलबरूनी (Al-Biruni)|फिरदोसी|उत्बी
अलबरूनी (Al-Biruni)
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अलबरूनी एक महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री था, जिसने अपनी अरबी पुस्तक 'किताबुल हिंद' में तत्कालीन हिंदू समाज और उनकी ज्ञान परंपरा का गहरा विश्लेषण किया।
मोरक्को (अफ्रीका) का रहने वाला प्रसिद्ध यात्री इब्नबतूता 1333 ई. में दिल्ली के किस सुल्तान के काल में भारत आया था, जिसने उसे दिल्ली का काज़ी नियुक्त किया था?
अलाउद्दीन खिलजी|गियासुद्दीन तुगलक|मुहम्मद बिन तुगलक|फ़िरोज़ शाह तुगलक
मुहम्मद बिन तुगलक
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इब्नबतूता मुहम्मद बिन तुगलक के समय भारत आया। उसके यात्रा वृत्तांत का नाम 'रेहला' (Rihla) है, जो अरबी भाषा में है।
प्रागैतिहासिक स्थल 'मेहरगढ़' (जहां से गेहूं के प्राचीनतम साक्ष्य मिले) वर्तमान भौगोलिक मानचित्र पर कहाँ स्थित है?
भारत के पंजाब राज्य में|पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में|अफगानिस्तान के काबुल में|भारत के गुजरात में
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में
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मेहरगढ़ वर्तमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बोलन दर्रे के पास स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरास्थल है।
पाषाण काल के किस चरण को 'संक्रमण काल' (Transitional Phase) भी कहा जाता है, क्योंकि यह पुरापाषाण काल और नवपाषाण काल के बीच एक सेतु का काम करता है?
निम्न पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल|लौह युग
मध्यपाषाण काल
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मध्यपाषाण काल को पाषाण काल का मध्यवर्ती या संक्रमण काल माना जाता है क्योंकि इसमें पुराने शिकार के तौर-तरीके भी बचे थे और पशुपालन जैसी नई प्रवृत्तियों की शुरुआत भी हो रही थी।
नवपाषाणकालीन पुरास्थल 'गुफकराल' भारत के किस केंद्र शासित प्रदेश/राज्य में स्थित है?
लद्दाख|हिमाचल प्रदेश|जम्मू और कश्मीर|उत्तराखंड
जम्मू और कश्मीर
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गुफकराल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में स्थित है, जहाँ से गर्तवास और प्रचुर मात्रा में पॉलिशदार पत्थर के औजार मिले हैं।
भारत में सर्वप्रथम कृषि का प्रारंभ किस कालखंड में हुआ माना जाता है, जब मानव शिकारी से 'खाद्य-उत्पादक' (Food Producer) बना?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल
नवपाषाण काल
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नवपाषाण काल की सबसे बड़ी क्रांतिकारी घटना कृषि का प्रारंभ थी, जिसने मानव को एक जगह टिककर रहने पर मजबूर किया।
ताम्रपाषाण काल की 'मालवा संस्कृति' के अंतर्गत आने वाले प्रमुख पुरास्थल कायथा और एरन वर्तमान में किस राज्य का हिस्सा हैं?
राजस्थान|महाराष्ट्र|मध्य प्रदेश|गुजरात
मध्य प्रदेश
State PCS, MPPSC
कायथा, एरन और नवदाटोली मध्य प्रदेश के प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन स्थल हैं जो अपनी अनूठी कला संस्कृति के लिए जाने जाते हैं।
इतिहास के अध्ययन के स्रोतों में 'स्मारक और भवन' किस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं?
साहित्यिक स्रोत|विदेशी विवरण|पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources)|धार्मिक स्रोत
पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources)
SSC, Railways
प्राचीन इमारतें, मंदिर, स्तूप, और भवन पूरी तरह से भौतिक अवशेष हैं, जिन्हें पुरातात्विक स्रोतों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है।
निम्नलिखित में से किस स्थान से पूरापाषाण कालीन कुल्हाड़ियाँ (Hand-axes) प्रचुर मात्रा में मिली हैं, जो अतिरम्पक्कम संस्कृति से संबंधित हैं?
बेलन घाटी|चेन्नई (मद्रास) के निकट|सोन घाटी|भीमबेटका
चेन्नई (मद्रास) के निकट
UPSC, State PCS
दक्षिण भारत में चेन्नई के पास पल्लवरम और अतिरम्पक्कम से बड़ी संख्या में हैंड-ऐक्स (कुल्हाड़ी) संस्कृतियों के उपकरण मिले हैं।
बौद्ध धर्म के सबसे प्राचीन ग्रंथों को 'त्रिपिटक' कहा जाता है। इन त्रिपिटकों (सुत्तपिटक, विनयपिटक और अभिधम्मपिटक) की मूल भाषा क्या है?
संस्कृत|प्राकृत|पालि (Pali)|अर्धमागधी
पालि (Pali)
UPSC, State PCS, SSC
प्रारंभिक बौद्ध ग्रंथ और त्रिपिटक मुख्य रूप से आम जनता की भाषा 'पालि' में लिखे गए थे, जबकि जैन ग्रंथ प्राकृत भाषा में लिखे गए थे।
जैन धर्म के प्रारंभिक साहित्यों और सिद्धांतों को किस नाम से जाना जाता है, जिनकी संख्या 12 मानी गई है?
जातक कथाएँ|अंग (Agam)|त्रिपिटक|वेद
अंग (Agam)
State PCS, RO/ARO
जैन आगम साहित्यों के अंतर्गत 12 अंग, 12 उपांग और प्रकीर्ण शामिल हैं, जो महावीर स्वामी की शिक्षाओं का संकलन हैं।
यूनानी लेखक प्लिनी (Pliny) द्वारा पहली शताब्दी ईस्वी में लिखी गई वह कौन सी प्रसिद्ध पुस्तक है जिससे भारत और इटली के व्यापार का पता चलता है?
जियोग्राफी|पेरिप्लस ऑफ दि एरीथ्रियन सी|नेचुरल हिस्टोरिका (Naturalis Historia)|इंडिका
नेचुरल हिस्टोरिका (Naturalis Historia)
UPSC, State PCS, RO/ARO
प्लिनी ने 'नेचुरल हिस्टोरिका' लैटिन भाषा में लिखी थी। इसमें भारत के खनिजों, पौधों और रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले व्यापार का विस्तृत उल्लेख है।
किस अज्ञात ग्रीक नाविक द्वारा रचित पुस्तक से भारत के बंदरगाहों और अरब सागर के व्यापार की अद्भुत सटीक जानकारी मिलती है?
टॉलेमी की जियोग्राफी|पेरिप्लस ऑफ दि एरीथ्रियन सी|प्लिनी की नेचुरलिस्ट|स्ट्रैबो की बुक
पेरिप्लस ऑफ दि एरीथ्रियन सी
UPSC, State PCS
'पेरिप्लस ऑफ दि एरीथ्रियन सी' (लाल सागर का सफरनामा) के लेखक का नाम आज तक अज्ञात है, लेकिन यह पुस्तक पहली सदी के भारतीय व्यापार का सबसे बेहतरीन ऐतिहासिक दस्तावेज है।
बुद्ध के पूर्व जन्मों की काल्पनिक और नैतिक कहानियों का संग्रह 'जातक कथाएँ' (Jataka Tales) मुख्य रूप से किस बौद्ध पिटक का हिस्सा हैं?
विनयपिटक|अभिधम्मपिटक|सुत्तपिटक|महावंश
सुत्तपिटक
UPSC, State PCS
जातक कथाओं की संख्या लगभग 550 है, जो बुद्ध के पिछले जन्मों की कहानियां कहती हैं। ये सुत्तपिटक के अंतर्गत आती हैं।
प्राचीन भारत के किस प्रसिद्ध गैर-सरकारी अभिलेख से मौर्य राजा चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक दोनों के नामों का एक साथ उल्लेख मिलता है?
खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख|रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख|पुुलकेशिन द्वितीय का ऐहोल अभिलेख|समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति
रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख
UPSC, State PCS, RO/ARO
रुद्रदामन के जूनागढ़ अभिलेख से पता चलता है कि सुदर्शन झील का निर्माण चंद्रगुप्त मौर्य के समय हुआ और बाद में अशोक ने उसमें से नहरें निकलवाईं। इसमें दोनों राजाओं के नाम हैं।
सिक्कों पर तिथियाँ उत्कीर्ण करने की परंपरा को व्यवस्थित रूप से भारत में बड़े पैमाने पर किन पश्चिमी क्षत्रप राजाओं ने चलाया था?
कुषाण राजाओं ने|शक शासकों ने|मौर्य राजाओं ने|गुप्त राजाओं ने
शक शासकों ने
State PCS, UPSC
भारत में शक (क्षत्रप) शासकों ने अपने चांदी के सिक्कों पर राजा का नाम और शक संवत की तिथियाँ अंकित करने की प्रथा को बहुत लोकप्रिय बनाया था।
तमिल भाषा में रचित दक्षिण भारत के प्राचीन इतिहास को जानने का सबसे बड़ा जरिया कौन सा साहित्य माना जाता है?
वैदिक साहित्य|संगम साहित्य (Sangam Literature)|आरण्यक साहित्य|जैन साहित्य
संगम साहित्य (Sangam Literature)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
सुदूर दक्षिण के चेर, चोल और पाण्ड्य राजाओं तथा तत्कालीन तमिल समाज का विस्तृत इतिहास केवल 'संगम साहित्यों' से ही प्राप्त होता है।
पाषाण काल का वह कौन सा स्थल है जहाँ एक ही स्थान पर पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल तीनों चरणों के क्रमिक साक्ष्य एक साथ दिखाई देते हैं?
मेहरगढ़|बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश)|चिरंद (बिहार)|बागौर (राजस्थान)
बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश)
UPSC, State PCS
उत्तर प्रदेश की बेलन घाटी (प्रयागराज/मिर्जापुर क्षेत्र) पाषाण काल का एक ऐसा अनूठा स्थल है जहाँ तीनों कालों के सांस्कृतिक अवशेष एक के बाद एक क्रमिक स्तरों से मिले हैं।
ताम्रपाषाण काल की 'अहाड़ संस्कृति' का प्रमुख केंद्र गिलुंड (Gilund) किस राज्य में स्थित है, जहाँ से पकी हुई ईंटों के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं?
मध्य प्रदेश|महाराष्ट्र|राजस्थान|गुजरात
राजस्थान
State PCS, RPSC
गिलुंड राजस्थान के बनास घाटी में अहाड़ संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है, जहाँ तांबे के टुकड़े और पत्थर के उद्योग मिले हैं।
निम्नलिखित में से किस वेद को 'वेत्रयी' (Three Vedas) के समूह से बाहर रखा जाता है क्योंकि इसकी रचना बहुत बाद में हुई और इसकी विषयवस्तु अलग है?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
अथर्ववेद
UPSC, State PCS, SSC, Railways
प्रारंभिक तीन वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद) को पवित्र 'वेदत्रयी' कहा जाता है। अथर्ववेद को इसमें शामिल नहीं किया जाता।
महाकाव्य 'रामायण' की रचना मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि ने किस भाषा में की थी, जिसमें प्रारंभ में 6000 श्लोक थे जो बाद में बढ़कर 24,000 हो गए?
अवधी भाषा|संस्कृत भाषा|प्राकृत भाषा|पालि भाषा
संस्कृत भाषा
SSC, Railways, SSC GD
मूल रामायण महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखी गई थी। बाद में मध्यकाल में तुलसीदास जी ने अवधी में रामचरितमानस लिखी।
बौद्ध धर्म के दो प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ 'दीपवंश' और 'महावंश' से भारत के किस पड़ोसी द्वीप (देश) के प्राचीन इतिहास और अशोक के धर्म प्रचार की जानकारी मिलती है?
नेपाल|श्रीलंका (सिंहल द्वीप)|म्यांमार|इंडोनेशिया
श्रीलंका (सिंहल द्वीप)
UPSC, State PCS
दीपवंश और महावंश पालि भाषा के श्रीलंकाई ग्रंथ हैं। इनसे मौर्य इतिहास और श्रीलंका में बौद्ध धर्म के विस्तार की सटीक जानकारी मिलती है।
पाषाण काल के औजारों को बनाने के लिए प्रागैतिहासिक मानव मुख्य रूप से किस कठोर पत्थर का उपयोग करता था, जिसके कारण आदिमानव को 'क्वाटर्जाइट मैन' भी कहा गया?
बलुआ पत्थर|क्वाटर्जाइट (Quartzite) और चर्ट|ग्रेनाइट|संगमर्मर
क्वाटर्जाइट (Quartzite) और चर्ट
UPSC, State PCS
प्रारंभिक पुरापाषाण काल के हथियार मुख्य रूप से स्फटिक या क्वाटर्जाइट पत्थरों से बनाए जाते थे, जो बहुत मजबूत और धारदार होते थे।
कश्मीर के 'बुर्जहोम' में कब्रों के अंदर मानव कंकाल के साथ किस पालतू पशु की हड्डियां मिलने से यह सिद्ध होता है कि वे परलोक जीवन में विश्वास करते थे?
घोड़ा|बकरी|कुत्ता|गाय
कुत्ता
State PCS, RO/ARO
बुर्जहोम की कब्रों में मालिकों के शवों के साथ उनके वफादार पालतू कुत्तों को भी दफनाने की अनूठी प्रथा देखी गई है।
ताम्रपाषाण काल के लोग मुख्य रूप से किस प्रकार के समुदायों में रहते थे, जो सिंधु घाटी सभ्यता के विपरीत था?
पूर्णतः नगरीय समुदाय|ग्रामीण कृषक समुदाय|खानाबदोश कबीले|औद्योगिक महानगर
ग्रामीण कृषक समुदाय
UPSC, State PCS
ताम्रपाषाण काल की संस्कृतियाँ (जैसे अहाड़, मालवा, जोर्वे) मूल रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि की थीं, जहाँ खेती और पशुपालन मुख्य आधार था, जबकि इसके बाद आई सिंधु सभ्यता नगरीय थी।
किस यूनानी भूगोलशास्त्री ने दूसरी शताब्दी ईस्वी में 'जियोग्राफी' (Geography) नामक पुस्तक लिखकर प्राचीन भारत के आकार और नदियों का खाका खींचा था?
मेगस्थनीज|टॉलेमी (Ptolemy)|प्लिनी|स्ट्रैबो
टॉलेमी (Ptolemy)
State PCS, RO/ARO, SSC
टॉलेमी की 'जियोग्राफी' प्राचीन काल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक विवरण ग्रंथ है जिससे भारत के मानचित्र का प्रारंभिक ज्ञान मिलता है।
वह कौन सा एकमात्र जैन ग्रंथ है जिसमें जैन तीर्थंकरों की जीवनी, विशेषकर महावीर स्वामी के जीवन और जैन धर्म के प्रारंभिक इतिहास का विवरण मिलता है, जिसके रचयिता भद्रबाहु थे?
भगवती सूक्त|कल्पसूत्र (Kalpasutra)|आचारांग सूत्र|परिशिष्टपर्वन
कल्पसूत्र (Kalpasutra)
UPSC, State PCS, RO/ARO
भद्रबाहु द्वारा रचित 'कल्पसूत्र' संस्कृत भाषा में है और यह जैन धर्म के इतिहास को जानने का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है।
इतिहास के स्रोतों में 'अभिलेख' (Inscriptions) साहित्यिक स्रोतों की तुलना में अधिक विश्वसनीय क्यों माने जाते हैं?
क्योंकि वे बहुत रंगीन होते हैं|क्योंकि उनमें समय के साथ हेरफेर या मिलावट करना असंभव होता है क्योंकि वे पत्थरों पर खोदे जाते हैं|क्योंकि वे केवल राजाओं द्वारा लिखे जाते हैं|क्योंकि वे बहुत सस्ते होते हैं
क्योंकि उनमें समय के साथ हेरफेर या मिलावट करना असंभव होता है क्योंकि वे पत्थरों पर खोदे जाते हैं
UPSC, State PCS
साहित्यिक ग्रंथों की कॉपियां बनाते समय लेखक अपनी तरफ से बदलाव कर सकते हैं, लेकिन पत्थरों या धातुओं पर खुदे अभिलेखों में मिलावट करना लगभग असंभव होता है, इसलिए वे अधिक प्रामाणिक होते हैं।
महासंगठित मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद भारत में राजनीतिक और सामाजिक स्थिति का विवरण देने वाले 'मनुस्मृति' ग्रंथ की रचना किस काल में हुई थी?
मौर्य काल|शुंग काल (Post-Mauryan Period)|गुप्त काल|हर्षवर्धन काल
शुंग काल (Post-Mauryan Period)
State PCS, RO/ARO
सबसे प्राचीन स्मृति ग्रंथ 'मनुस्मृति' की रचना शुंग काल या मौर्योत्तर काल के दौरान मानी जाती है।
पुरापाषाण काल के मानव द्वारा पत्थरों को आपस में रगड़कर आग जलाने की विधा की खोज पाषाण काल के किस विशिष्ट उप-काल में बहुत व्यवस्थित हुई?
निम्न पुरापाषाण काल|मध्य पुरापाषाण काल|उच्च पुरापाषाण काल|नवपाषाण काल
उच्च पुरापाषाण काल
UPSC, State PCS
यद्यपि आग के निशान निम्न पुरापाषाण काल से ही मिलने लगते हैं, लेकिन चकमक पत्थरों (Flint stones) के उपयोग से नियमित आग पैदा करने की क्षमता उच्च पुरापाषाण काल में अधिक विकसित हुई।
ताम्रपाषाण युग के लोग लेखन कला (Script) से अनभिज्ञ थे और न ही वे नगरों में रहते थे। इसके विपरीत किस सभ्यता के लोग तांबे के साथ टिन मिलाकर कांसा बनाना जानते थे और नगरों में रहते थे?
वैदिक सभ्यता|सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley)|पाषाण सभ्यता|मेगालिथ सभ्यता
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley)
UPSC, State PCS, SSC, Railways
ताम्रपाषाण काल के ठीक समानांतर या बाद विकसित होने वाली सिंधु घाटी सभ्यता एक कांस्ययुगीन और प्रथम नगरीय साक्षर सभ्यता थी।
ऋग्वेद के सातवें मंडल में वर्णित प्रसिद्ध 'दशराज्ञ युद्ध' (Battle of Ten Kings) किस नदी के तट पर लड़ा गया था, जिसमें राजा सुदास की विजय हुई थी?
वितस्ता (झेलम)|परुष्णी (रावी नदी)|आसकिनी (चेनाब)|सिंधु नदी
परुष्णी (रावी नदी)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
दशराज्ञ युद्ध परुष्णी (आधुनिक रावी) नदी के तट पर राजा सुदास और दस राजाओं के संघ के बीच लड़ा गया था।
7वीं शताब्दी में भारत आए तीसरे प्रमुख चीनी बौद्ध यात्री कौन थे, जिन्होंने नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों का दौरा किया और अपनी पुस्तक लिखी?
फाहियान|ह्वेनसांग|इत्सिंग (Yijing)|सुंगयुन
इत्सिंग (Yijing)
UPSC, State PCS
फाहियान और ह्वेनसांग के बाद बौद्ध यात्री 'इत्सिंग' 671 ई. में समुद्री मार्ग से भारत आया था और उसने बौद्ध भिक्षुओं की वेशभूषा और नियमों का विवरण दिया।
पाषाण काल के किस स्थल से पहली बार धान की एक नई किस्म 'wild and cultivated rice' के दाने मिले हैं, जो लहुरादेव के पास स्थित है?
कोल्डिहवा|इलाहाबाद की बेलन घाटी|संत कबीर नगर का लहुरादेव स्थल|महोली
संत कबीर नगर का लहुरादेव स्थल
UPSC, State PCS
लहुरादेव से प्राप्त धान के दानों की कार्बन डेटिंग से इसकी प्राचीनता 9000 ई.पू. सिद्ध हुई है, जो पूरे एशिया में सबसे पुरानी है।
अभिलेखों के आधार पर संपूर्ण मौर्य साम्राज्य का इतिहास लिखने का अनूठा प्रयास किस प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार ने किया था, जिनके इतिहास को बेहद प्रामाणिक माना जाता है?
आर.सी. मजूमदार|डी.आर. भंडारकर|रोमिला थापर|के.पी. जायसवाल
डी.आर. भंडारकर
UPSC, State PCS
डॉ. देवदत्त रामकृष्ण भंडारकर (D.R. Bhandarkar) ने केवल और केवल अशोक के अभिलेखों के आधार पर ही मौर्य काल का पूरा इतिहास लिख डाला था।
प्राचीन भारत के स्मारकों में दक्षिण भारत के बड़े पत्थरों से घिरी कब्रों को, जिनमें मृतकों को दफनाया जाता था, क्या कहा जाता है?
माइक्रोलिथ|मेगालिथ (Megalith / महापाषाण)|स्तूप|चैत्य
मेगालिथ (Megalith / महापाषाण)
UPSC, State PCS
दक्षिण भारत में लोहे के प्रयोग के साथ ही विशाल पत्थरों से घिरी कब्रें बनाने की प्रथा शुरू हुई, जिन्हें महापाषाण या 'मेगालिथ' कहा जाता है।
मध्य प्रदेश के मंदसौर से प्राप्त 'मंदसौर अभिलेख' (मालवा नरेश यशोधर्मन का) किस श्रेणी के व्यापारियों की गतिविधियों का अनूठा विवरण देता है?
लोहारों की श्रेणी का|रेशम बुनकरों की श्रेणी का (Silk Weavers)|तांबे के व्यापारियों का|घोड़ों के व्यापारियों का
रेशम बुनकरों की श्रेणी का (Silk Weavers)
UPSC, State PCS
मंदसौर अभिलेख (कुमारगुप्त द्वितीय और यशोधर्मन से संबंधित) से रेशम बुनकरों की श्रेणी (Guild) द्वारा एक भव्य सूर्य मंदिर के निर्माण और दान का उल्लेख मिलता है।
वह कौन सा प्राचीन बौद्ध ग्रंथ है जिसमें 16 महाजनपदों (16 Mahajanapadas) की सबसे पहली प्रामाणिक सूची मिलती है?
दीघनिकाय|अंगुत्तर निकाय (Anguttara Nikaya)|मिलिंदपञ्हो|दिव्यावदान
अंगुत्तर निकाय (Anguttara Nikaya)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में ईसा पूर्व छठी शताब्दी के 16 बड़े महाजनपदों की सूची मिलती है।
बौद्ध दार्शनिक नागसेन और हिंद-यवन राजा मिनैंडर (मिलिंद) के बीच हुए प्रसिद्ध दार्शनिक संवादों का संकलन किस पालि ग्रंथ में है?
महावंश|मिलिंदपञ्हो (Milinda Panha)|महावस्तु|ललितविस्तर
मिलिंदपञ्हो (Milinda Panha)
UPSC, State PCS, RO/ARO
मिलिंदपञ्हो का शाब्दिक अर्थ 'मिलिंद के प्रश्न' है। इसमें राजा मिनैंडर के बौद्ध धर्म से जुड़े संशयों का नागसेन द्वारा समाधान किया गया है।
प्राचीन स्मृतियों में सबसे पुरानी स्मृति मनुस्मृति मानी जाती है। गुप्त काल के समाज और नियमों की जानकारी देने वाली प्रसिद्ध 'याज्ञवल्क्य स्मृति' पर मिताक्षरा नामक प्रसिद्ध टीका किसने लिखी थी?
विज्ञानेश्वर|जीमूतवाहन|मेधातिथि|कुल्लूक भट्ट
विज्ञानेश्वर
UPSC, State PCS
विज्ञानेश्वर ने 'मिताक्षरा' लिखी जो याज्ञवल्क्य स्मृति पर आधारित हिंदू उत्तराधिकार नियम की एक अत्यंत प्रामाणिक पुस्तक है।
पुरापाषाण काल के दौरान मानव की आजीविका का एकमात्र साधन शिकार (Hunting) था। इस काल के मानव को तकनीकी रूप से किस नाम से जाना जाता था?
खाद्य उत्पादक|आखेटक और खाद्य संग्राहक (Hunter-Gatherer)|पशुपालक कृषक|शहरी शिल्पकार
आखेटक और खाद्य संग्राहक (Hunter-Gatherer)
SSC, Railways, SSC GD
पुरापाषाण काल का मानव भोजन का उत्पादन करना नहीं जानता था, वह पूरी तरह प्रकृति से भोजन बटोरने और शिकार करने पर आश्रित था।
मध्यपाषाणकालीन स्थल 'सराय नाहर राय' उत्तर प्रदेश के किस आधुनिक जिले में स्थित है, जहाँ से युद्ध के कारण मौत होने के प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं?
इलाहाबाद|प्रतापगढ़|मिर्जापुर|वाराणसी
प्रतापगढ़
State PCS, UPPSC, RO/ARO
सराय नाहर राय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में है। यहाँ से मानव खोपड़ी में धंसा हुआ तीर का फलक मिला है, जो आपसी संघर्ष या बाह्य आक्रमण का पहला साक्ष्य है।
नवपाषाण काल का वह कौन सा स्थल है जो गंगा नदी के उत्तर में बिहार के सारण जिले में स्थित है और हड्डियों के औजारों के लिए विख्यात है?
चेचर|चिरांद|सेनुआरा|ताराडीह
चिरांद
State PCS, BPSC
बिहार का चिरांद नवपाषाण संस्कृति का उत्तर भारत का एक अत्यंत विशिष्ट स्थल है, जहाँ हिरण के सींगों से बने अनेक प्रकार के औजार और सुइयाँ मिली हैं।
दक्षिण भारत में नवपाषाण काल के लोगों द्वारा पाले जाने वाले मवेशियों (गाय, बैल, बकरी) के बाड़ों के बाहर गोबर जमा होने और उसे प्रतिवर्ष जलाने से बने पुरातात्विक साक्ष्यों को क्या कहते हैं?
भस्म स्तूप|राख के टीले (Ash Mounds)|गोबर महल|पाषाण वृत्त
राख के टीले (Ash Mounds)
UPSC, State PCS
राख के टीले (जैसे संगनकल्लू, कुपगल) दक्षिण भारत की नवपाषाण संस्कृति के चरवाहा समुदायों की मौसमी बस्तियों और उत्सवों के प्रतीक हैं।
ताम्रपाषाण युग की 'अहाड़ संस्कृति' को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में किस नदी घाटी के नाम पर 'बनास संस्कृति' भी कहा जाता है?
लूनी नदी|चम्बल नदी|बनास नदी|साबरमती नदी
बनास नदी
State PCS, RPSC
अहाड़ संस्कृति के अधिकांश स्थल बनास नदी और उसकी सहायक नदियों की घाटियों में फैले होने के कारण इसे बनास संस्कृति भी कहते हैं।
इतिहास जानने के साहित्यिक स्रोतों को मुख्य रूप से किन दो भागों में विभाजित किया जाता है?
ऐतिहासिक और कल्पित|धार्मिक और लौह धर्मनिरपेक्ष (Secular)|विदेशी और स्वदेशी|वैदिक और बौद्ध
धार्मिक और लौह धर्मनिरपेक्ष (Secular)
UPSC, State PCS
साहित्यिक स्रोतों को धार्मिक साहित्य (वेद, पुराण, बौद्ध, जैन ग्रंथ) और धर्मनिरपेक्ष/लौकिक साहित्य (राजनीति, व्याकरण, नाटक, जीवनी) में बांटा जाता है।
वेदों का वह भाग जिसकी रचना ऋषियों द्वारा जंगलों के शांत वातावरण में दार्शनिक और रहस्यात्मक विषयों पर की गई थी, क्या कहलाता है?
संहिता|ब्राह्मण ग्रंथ|आरण्यक (Aranyakas)|उपनिषद
आरण्यक (Aranyakas)
UPSC, State PCS, RO/ARO
'अरण्य' का अर्थ जंगल होता है। वनों में पढ़े जाने के कारण इन दार्शनिक ग्रंथों को आरण्यक कहा गया। ये ब्राह्मण ग्रंथों और उपनिषदों के बीच की कड़ी हैं।
वैदिक दर्शन (Philosophy) के सर्वोच्च और अंतिम भाग माने जाने वाले 'उपनिषदों' (Upanishads) की कुल संख्या कितनी है, जिन्हें 'वेदांत' भी कहा जाता है?
18 उपनिषद|108 उपनिषद|6 उपनिषद|4 उपनिषद
108 उपनिषद
SSC, Railways, State PCS
उपनिषदों की कुल संख्या 108 है। उपनिषद का शाब्दिक अर्थ है 'गुरु के समीप निष्ठापूर्वक बैठना'। ये पूरी तरह ज्ञान और आत्मा-परमात्मा के दर्शन पर आधारित हैं।
यूनानी सम्राट सिकंदर (Alexander) के साथ भारत आने वाले उन तीन प्रमुख लेखकों के नाम क्या हैं, जिनके विवरण बहुत प्रामाणिक माने जाते हैं?
मेगस्थनीज, डाईमेकस और डायोनिसियस|नियार्कस, आनेसिक्रिटस और अरिस्टोबुलस|प्लिनी, टॉलेमी और कॉस्मस|ह्वेनसांग, फाहियान और इत्सिंग
नियार्कस, आनेसिक्रिटस और अरिस्टोबुलस
UPSC, State PCS
नियार्कस (सिकंदर का जल सेनापति), आनेसिक्रिटस और अरिस्टोबुलस सिकंदर के समकालीन थे और उनके द्वारा लिखे विवरण मौर्य काल से ठीक पहले के इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
बिन्दुसार के दरबार में आने वाले सीरिया के राजा एन्टियोकस के राजदूत का नाम क्या था, जिसे मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी माना जाता है?
डायोनिसियस|डाईमेकस (Deimachus)|प्लूटार्क|जस्टिन
डाईमेकस (Deimachus)
UPSC, State PCS, RO/ARO
सीरियाई राजदूत डाईमेकस बिंदुसार के दरबार में आया था, जबकि डायोनिसियस मिस्र के राजा टॉलेमी फिलाडेल्फस का राजदूत बनकर मौर्य दरबार में आया था।
अभिलेखों के अध्ययन 'एपीग्राफी' के तहत पत्थरों पर खोदी गई लिपियों के अक्षरों की बनावट और लेखन शैली के आधार पर काल निर्धारण करने के विज्ञान को क्या कहते हैं?
पुरालेखशास्त्र|पैलोग्राफी (Paleography / पुरालिपि शास्त्र)|आर्कियोलॉजी|न्यूमिस्मेटिक्स
पैलोग्राफी (Paleography / पुरालिपि शास्त्र)
UPSC, State PCS
प्राचीन लिपियों और दस्तावेजों के अक्षरों के विकास और लेखन के इतिहास के अध्ययन को 'पैलोग्राफी' (Paleography) कहा जाता है।
गुप्त राजाओं द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्कों को उनके आधिकारिक अभिलेखों में तकनीकी रूप से क्या नाम दिया गया है?
काषार्पण|रूपक|दीनार (Dinara)|शतमान
दीनार (Dinara)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
गुप्त काल के सोने के सिक्कों को 'दीनार' कहा जाता था, जो लैटिन शब्द Denarius से आया था। गुप्त काल के चांदी के सिक्कों को 'रूपक' कहा जाता था।
पुरापाषाण काल के किस विशेष चरण को 'शल्क संस्कृति' (Flake Culture) कहा जाता है क्योंकि इस समय पत्थरों को तोड़कर बनाए गए तीखे शल्कों की प्रधानता थी?
निम्न पुरापाषाण काल|मध्य पुरापाषाण काल|उच्च पुरापाषाण काल|नवपाषाण काल
मध्य पुरापाषाण काल
UPSC, State PCS
मध्य पुरापाषाण काल में मुख्य रूप से क्वाटर्जाइट पत्थरों से शल्क (Flakes) अलग करके धारदार स्क्रैपर, बेधक और वेधनी जैसे औजार बनाए जाते थे।
राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थित 'बागौर' मध्यपाषाणकालीन स्थल का उत्खनन कार्य 1967-70 के दौरान किस प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद के नेतृत्व में किया गया था?
एच.डी. सांकलिया|वी.एन. मिश्र (V.N. Misra)|बी.बी. लाल|एस.आर. राव
वी.एन. मिश्र (V.N. Misra)
State PCS, RPSC
बागौर का उत्खनन पुणे विश्वविद्यालय के प्रो. वीरेंद्र नाथ मिश्र (वी.एन. मिश्र) ने करवाया था, जहाँ से भारत में पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य मिले।
कश्मीर के 'बुर्जहोम' और 'गुफकराल' नवपाषाणकालीन बस्तियों के लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि और पशुपालन के अलावा किस तीसरी मुख्य आर्थिक गतिविधि पर निर्भर थे?
समुद्री व्यापार|धातु गलाना|शिकार और मछली पकड़ना (Fishing)|कपड़ा बुनना
शिकार और मछली पकड़ना (Fishing)
UPSC, State PCS
बुर्जहोम और गुफकराल के लोग हड्डियों और पत्थरों के औजारों से जंगली जानवरों का शिकार करते थे और पास की झीलों से बड़े पैमाने पर मछलियां पकड़ते थे।
ताम्रपाषाण युग की 'जोर्वे संस्कृति' महाराष्ट्र के किस आधुनिक जिले में स्थित गोदावरी की सहायक प्रवर नदी के तट पर खोजे गए जोर्वे स्थल के नाम पर रखी गई है?
पुणे|अहमदनगर|नासिक|औरंगाबाद
अहमदनगर
State PCS, MPSC
जोर्वे स्थल महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में प्रवरा नदी के तट पर स्थित है। इस संस्कृति का कालखंड 1400 ई.पू. से 700 ई.पू. माना जाता है।
प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों में 'धार्मिक साहित्यों' के अंतर्गत वेदों की व्याख्या करने वाले ब्राह्मण ग्रंथों की रचना मुख्य रूप से किस विधा में की गई है?
पद्य विधा में|गद्य विधा में (Prose)|चित्रलिपि में|सूत्र शैली में
गद्य विधा में (Prose)
UPSC, State PCS
ब्राह्मण ग्रंथों की रचना मूल रूप से गद्य (Prose) में की गई है, ताकि वेदों के गूढ़ और काव्यात्मक मंत्रों को आम पुरोहित आसानी से समझ सकें।
वह कौन सा प्राचीन बौद्ध ग्रंथ है जिसमें श्रीलंका के राजाओं की सूची और सम्राट अशोक द्वारा वहाँ भेजे गए बौद्ध मिशन का काव्यात्मक इतिहास मिलता है?
दीपवंश (Dipavamsa)|ललितविस्तर|बुद्धचरित|महावस्तु
दीपवंश (Dipavamsa)
UPSC, State PCS
दीपवंश का अर्थ 'द्वीप का इतिहास' है। यह श्रीलंका का सबसे पुराना पालि महाकाव्य है, जिसकी रचना चौथी शताब्दी ईस्वी में हुई थी।
मध्य एशिया के बोगजकोई से प्राप्त 1400 ई.पू. के अभिलेख में हिट्टानी और मितन्नी राजाओं के बीच हुई संधि के गवाह के रूप में किस ऋग्वैदिक देवता का नाम 'नहीं' मिलता है?
इंद्र|वरुण|अग्नि|नासत्य (अश्विन)
अग्नि
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बोगजकोई अभिलेख पर केवल चार देवताओं का नाम है: इंद्र, मित्र, वरुण और नासत्य। इस पर 'अग्नि' का नाम उत्कीर्ण नहीं है।
प्राचीन भारत में सिक्कों के बड़े पैमाने पर मिलने वाले जखीरे को 'निधि' या 'होर्ड' कहा जाता है। राजस्थान के किस स्थान से गुप्त राजाओं के सिक्कों का सबसे बड़ा भंडार (बयाना होर्ड) मिला है?
जयपुर|भरतपुर (बयाना)|जोधपुर|उदयपुर
भरतपुर (बयाना)
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राजस्थान के भरतपुर के पास बयाना से गुप्तकालीन सोने के सिक्कों का अब तक का सबसे विशाल भंडार मिला है, जिससे गुप्त अर्थव्यवस्था का पता चलता है।
निम्न पुरापाषाण काल की बेलन नदी घाटी उत्तर प्रदेश के किस क्षेत्र का हिस्सा है, जहाँ से पाषाण औजारों के अलावा 'अस्थि निर्मित मातृदेवी की मूर्ति' मिली है?
सोनभद्र|मिर्जापुर (लोहंदा नाला)|बांदा|झांसी
मिर्जापुर (लोहंदा नाला)
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बेलन घाटी के लोहंदा नाला क्षेत्र से उच्च पुरापाषाण काल की हड्डी से बनी एक अनोखी मातृदेवी की मूर्ति मिली है, जो कौशाम्बी संग्रहालय में सुरक्षित है।
मध्यपाषाणकालीन स्थल 'महदहा' उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित है। यहाँ से भारी मात्रा में सिंह और हड्डी के उपकरणों के अलावा किस प्रकार के आवास के साक्ष्य मिले हैं?
पक्के मकान|स्तंभ गर्त (Post-holes / झोपड़ी के खंभों के गड्ढे)|गुफा आवास|मचान आवास
स्तंभ गर्त (Post-holes / झोपड़ी के खंभों के गड्ढे)
UPSC, State PCS
महदहा से स्तंभ गर्त (Post-holes) मिले हैं, जिससे साबित होता है कि यहाँ के लोग घास-फूस की गोलाकार झोपड़ियां बनाकर अस्थाई बस्तियों में रहने लगे थे।
नवपाषाण काल की वह कौन सी अनूठी खोज थी जिसने कताई, बुनाई और वस्त्र निर्माण के उद्योग का मार्ग प्रशस्त किया?
पहिया|मिट्टी का घड़ा|तकुआ और कुक्कुट पालन (Spindle whorls)|हैंड-ऐक्स
तकुआ और कुक्कुट पालन (Spindle whorls)
UPSC, State PCS
नवपाषाण काल के स्थलों से मिट्टी के तकुए (Spindle whorls) मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इंसान इस काल में कपास और ऊन से सूत कातना सीख चुका था।
ताम्रपाषाण काल की 'अहाड़ संस्कृति' के लोग अपने मृत पूर्वजों को दफनाते समय उनके शवों का सिर किस दिशा में रखते थे, जो उनके धार्मिक विश्वास को दर्शाता है?
पूर्व से पश्चिम|उत्तर से दक्षिण|दक्षिण से उत्तर|पश्चिम से पूर्व
उत्तर से दक्षिण
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ताम्रपाषाण काल में पश्चिमी भारत (विशेषकर राजस्थान और महाराष्ट्र) में शवों को उत्तर-दक्षिण दिशा में दफनाने की आम परंपरा थी।
वैदिक साहित्यों में 'आरण्यक' ग्रंथों की कुल संख्या कितनी मानी गई है, जो विभिन्न वेदों के ब्राह्मण ग्रंथों से जुड़े हुए हैं?
4|7|18|12
7
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मुख्य आरण्यक ग्रंथों की संख्या 7 है: ऐतरेय, शांखायन, तैत्तिरीय, मैत्रायणी, माध्यन्दिन, तलवकार और बृहदारण्यक। अथर्ववेद का कोई आरण्यक नहीं है।
महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके उपदेशों को संकलित करने के लिए बुलाई गई प्रथम बौद्ध संगीति में किन दो पिटकों की रचना हुई थी?
सुत्तपिटक और विनयपिटक|सुत्तपिटक और अभिधम्मपिटक|विनयपिटक और अभिधम्मपिटक|महावंश और दीपवंश
सुत्तपिटक और विनयपिटक
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प्रथम बौद्ध संगीति (राजगृह) में आनंद ने 'सुत्तपिटक' (बुद्ध के उपदेश) और उपाली ने 'विनयपिटक' (संघ के नियम) का संकलन किया था।
शक शासक रुद्रदामन के जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार, मौर्य काल में निर्मित सुदर्शन झील का पुनरुद्धार रुद्रदामन ने किसकी सहायता से बिना बेगार (जनता पर अतिरिक्त टैक्स लगाए) के करवाया था?
तुषास्प|पुष्यगुप्त|सुविशाख (Suvisakha)|राधागुप्त
सुविशाख (Suvisakha)
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रुद्रदामन के समय आनर्त और सुराष्ट्र का प्रांतीय गवर्नर सुविशाख (एक पहलव) था, जिसने झील के बांध का पुनर्निर्माण अपने निर्देशन में करवाया था।
प्राचीन काल के सिक्कों पर राजाओं के चित्र उत्कीर्ण करने की परंपरा के तहत सबसे पहले किस भारतीय गुप्त राजा ने 'राजा-रानी प्रकार' (कौमारदेवी प्रकार) के सिक्के जारी किए थे?
श्रीगुप्त|चंद्रगुप्त प्रथम|समुद्रगुप्त|चंद्रगुप्त द्वितीय
चंद्रगुप्त प्रथम
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चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह के उपलक्ष्य में इतिहास प्रसिद्ध स्वर्ण के 'राजा-रानी' प्रकार के सिक्के चलाए थे।
पुरापाषाण काल के किस स्थल 'हुंसगी' (Hunsgi) से बड़ी संख्या में चूना पत्थर (Limestone) से बने औजार और कारखाना स्थल मिले हैं, जो दक्षिण भारत में है?
तमिलनाडु|कर्नाटक|आंध्र प्रदेश|केरल
कर्नाटक
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हुंसगी घाटी कर्नाटक में स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरापाषाणकालीन स्थल है, जहाँ पत्थरों के हथियार बनाने का एक बड़ा केंद्र (औजार कारखाना) था।
मध्यपाषाण काल का वह कौन सा स्थल है जो गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित है और जहाँ से 14 मानव कंकाल और लघु पाषाण उपकरण मिले हैं?
लोथल|लंघनाज (Langhnaj)|बागौर|आदमगढ़
लंघनाज (Langhnaj)
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गुजरात का लंघनाज विंध्य क्षेत्र के बाहर स्थित एक प्रमुख मध्यपाषाण स्थल है। यहाँ से रेत के टीले और मानव कंकाल मिले हैं।
नवपाषाण काल का स्थल 'कोल्डिहवा' उत्तर प्रदेश के किस नदी घाटी के तट पर स्थित है, जहाँ से वन्य और बोई जाने वाली दोनों फसलों के साक्ष्य मिले हैं?
सोन नदी घाटी|गंगा नदी घाटी|बेलन नदी घाटी (Belan Valley)|यमुना नदी घाटी
बेलन नदी घाटी (Belan Valley)
State PCS, UPPSC, RO/ARO
कोल्डिहवा प्रयागराज जिले की मेजा तहसील में बेलन नदी के तट पर स्थित है, जो प्राचीन धान उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
ताम्रपाषाण काल की 'इनामगाँव' बस्ती का संबंध महाराष्ट्र की किस उप-संस्कृति से था, जो जोर्वे संस्कृति का ही एक देर का चरण थी?
प्रारंभिक जोर्वे संस्कृति|उत्तर जोर्वे संस्कृति (Late Jorwe)|कायथा संस्कृति|मालवा संस्कृति
उत्तर जोर्वे संस्कृति (Late Jorwe)
UPSC, State PCS
इनामगाँव में जोर्वे संस्कृति के अंतिम या उत्तर चरण (1000 ई.पू. से 700 ई.पू.) के बहुत विस्तृत साक्ष्य दिखाई देते हैं, जहाँ समाज अधिक सुगठित था।
चारों वेदों में से किस वेद का कोई भी 'आरण्याक ग्रंथ' उपलब्ध नहीं है क्योंकि उसकी रचना पूरी तरह से लोक-परंपराओं पर आधारित थी?
ऋग्वेद|यजुर्वेद|सामवेद|अथर्ववेद
अथर्ववेद
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अथर्ववेद का विषय जादू, तंत्र-मंत्र और औषधि होने के कारण इसके रहस्यात्मक चिंतन वाले 'आरण्यक' भाग की रचना नहीं की गई।
मौर्य काल की शासन व्यवस्था और पाटलिपुत्र नगर सैन्य प्रशासन की छह समितियों का विस्तृत विवरण देने वाली मेगस्थनीज की मूल पुस्तक 'इंडिका' आज किस रूप में उपलब्ध है?
वह पूरी तरह सुरक्षित लाइब्रेरी में है|वह पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और केवल बाद के यूनानी लेखकों (स्ट्रैबो, एरियन) के उद्धरणों में ही मिलती है|वह केवल प्राकृत भाषा में मिलती है|वह इंटरनेट पर पीडीएफ रूप में उपलब्ध है
वह पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और केवल बाद के यूनानी लेखकों (स्ट्रैबो, एरियन) के उद्धरणों में ही मिलती है
UPSC, State PCS
मेगस्थनीज की मूल इंडिका खो चुकी है। बाद के इतिहासकारों जैसे एरियन, प्लूटार्क और स्ट्रैबो ने अपनी किताबों में इंडिका के जो अंश कोट (उद्धृत) किए, उन्हीं को जोड़कर आज का इतिहास समझा जाता है।
सम्राट अशोक ने अपने राज्याभिषेक के किस वर्ष कलिंग पर आक्रमण किया था, जिसका मार्मिक विवरण उसके 13वें शिलालेख से मिलता है?
चौथे वर्ष|आठवें वर्ष (9वें वर्ष में/8 वर्ष बाद)|दसवें वर्ष|बारहवें वर्ष
आठवें वर्ष (9वें वर्ष में/8 वर्ष बाद)
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अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 8 वर्ष बाद अर्थात् 261 ई.पू. (9वें वर्ष में) कलिंग पर आक्रमण किया था।
गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आए चीनी यात्री फाहियान के यात्रा विवरण 'फो-क्यो-की' का मुख्य केंद्र भारत का कौन सा क्षेत्र था?
दक्षिण भारत का दक्कन क्षेत्र|मध्य देश (मध्य भारत का समाज)|कश्मीर की घाटी|सिंधु नदी का मुहाना
मध्य देश (मध्य भारत का समाज)
UPSC, State PCS
फाहियान ने मुख्य रूप से मध्य देश (उत्तर और मध्य भारत) का दौरा किया। उसने वहाँ के ब्राह्मण धर्म, शाकाहारी जीवन और कौड़ियों के मुद्रा के रूप में प्रयोग का वर्णन किया है।
पाषाण काल के किस चरण में पत्थरों के हथियारों पर अत्यधिक 'पॉलिश' करने और उनकी धार को एकदम पैना करने का उद्योग चरम पर पहुँचा?
पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल|नवपाषाण काल (Neolithic)|ताम्र पाषाण काल
नवपाषाण काल (Neolithic)
SSC, Railways, State PCS
नवपाषाण काल के औजार अत्यधिक चिकने, पॉलिशदार और उन्नत थे, जो मुख्य रूप से सेल्ट (Celts) और कुल्हाड़ियों के रूप में थे।
मध्यपाषाणकालीन स्थल 'बागौर' राजस्थान के किस आधुनिक जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है?
जयपुर|भीलवाड़ा|चित्तौड़गढ़|उदयपुर
भीलवाड़ा
State PCS, RPSC
बागौर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में है। यह भारत का सबसे समृद्ध मध्यपाषाणकालीन माइक्रो-औजारों का स्थल है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित 'महदहा' मध्यपाषाणकालीन स्थल का अन्वेषण किस विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया था?
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय|इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University)|लखनऊ विश्वविद्यालय|दिल्ली विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University)
State PCS, UPPSC
प्रतापगढ़ के सराय नाहर राय, महदहा और दमदमा स्थलों का वैज्ञानिक उत्खनन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. जी.आर. शर्मा के नेतृत्व में किया गया था।
ताम्रपाषाण काल की 'अहाड़ संस्कृति' का वह कौन सा प्रमुख स्थल है जहाँ से तांबे के औजारों के साथ-साथ पत्थर के फलकों (Stone blades) का भारी उद्योग मिला है?
अहाड़|गिलुंड (Gilund)|बालथल|इनामगाँव
गिलुंड (Gilund)
UPSC, State PCS
गिलुंड से पत्थर के छोटे ब्लेडों का एक बहुत बड़ा क्षेत्रीय कारखाना मिला है, जो अहाड़ संस्कृति की एक अनूठी विशेषता है।
ऋग्वेद संहिता के किस मंडल को 'वंश मंडल' या 'ऋषि मंडल' कहा जाता है क्योंकि इसमें दूसरे से सातवें मंडल तक प्राचीन ऋषियों के खानदान का विवरण है?
प्रथम से पांचवां मंडल|द्वितीय से सप्तम मंडल (2nd to 7th)|अष्टम से दशम मंडल|केवल दसवां मंडल
второй से सप्तम मंडल (2nd to 7th)
UPSC, State PCS, RO/ARO
ऋग्वेद के दूसरे से सातवें मंडल सबसे पुराने हैं और इन्हें वंश मंडल कहा जाता है। पहला और दसवां मंडल सबसे बाद में जोड़े गए हैं।
तीसरी बौद्ध संगीति के बाद मौर्य सम्राट अशोक द्वारा रचित बौद्ध धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों का संकलन किस तीसरे पिटक में किया गया था?
सुत्तपिटक|विनयपिटक|अभिधम्मपिटक (Abhidhamma Pitka)|महावंश
अभिधम्मपिटक (Abhidhamma Pitka)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
पाटलिपुत्र में मोग्लिपुत्र तिस्स की अध्यक्षता में हुई तृतीय बौद्ध संगीति के दौरान 'अभिधम्मपिटक' को संकलित कर त्रिपिटक को पूर्ण किया गया था।
सातवाहन राजा गौतमीपुत्र शातकर्णी की सफलताओं और विजयों का विवरण उसकी माता बलश्री द्वारा उत्कीर्ण किस प्रसिद्ध गुफा अभिलेख से मिलता है?
हाथीगुम्फा अभिलेख|नासिक गुहा अभिलेख (Nasik)|ऐहोल अभिलेख|जूनागढ़ अभिलेख
नासिक गुहा अभिलेख (Nasik)
UPSC, State PCS, RO/ARO
नासिक प्रशस्ति या गुहा अभिलेख सातवाहन राजा गौतमीपुत्र शातकर्णी की धार्मिक और सैनिक सफलताओं का सबसे बड़ा प्रामाणिक स्रोत है।
गुप्त काल के बाद सोने के सिक्कों में भारी कमी और उनकी मिलावट किस ऐतिहासिक सामाजिक-आर्थिक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है?
व्यापार और वाणिज्य का अभूतपूर्व विकास|सामंतवाद का उदय और व्यापार का पतन (Decline of Trade)|सोने की खानों का पूरी तरह भर जाना|राजाओं का अत्यधिक अमीर हो जाना
सामंतवाद का उदय और व्यापार का पतन (Decline of Trade)
UPSC, State PCS
गुप्तोत्तर काल (Post-Gupta Period) में सिक्कों की संख्या कम होना और व्यापार का स्थानीय हो जाना भारत में 'सामंतवाद' (Feudalism) के उदय को दर्शाता है।
निम्न पुरापाषाण काल के 'हैंड-ऐक्स' और 'क्लीवर' (Cleaver) औजारों को तकनीकी रूप से किस संस्कृति का हिस्सा माना जाता है, जो फ्रांस के एक स्थल के नाम पर रखा गया है?
सोहन संस्कृति|ऐश्यूली संस्कृति (Acheulian Culture)|अतिरम्पक्कम संस्कृति|मदरासी संस्कृति
ऐश्यूली संस्कृति (Acheulian Culture)
UPSC, State PCS
भारत के अधिकांश निम्न पुरापाषाणकालीन हैंड-ऐक्स औजार फ्रांस के सेंट ऐश्यूल स्थल से मिले औजारों जैसे होने के कारण इन्हें 'ऐश्यूली संस्कृति' का औजार कहा जाता है।
मध्यपाषाण काल का पुरास्थल 'आदमगढ़' मध्य प्रदेश के किस जिले में नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है, जहाँ से रॉक शेल्टर भी मिले हैं?
रायसेन|होशंगाबाद (नर्मदापुरम)|भोपाल|जबलपुर
होशंगाबाद (नर्मदापुरम)
State PCS, MPPSC
आदमगढ़ मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित है, जहाँ प्रो. आर.वी. जोशी ने उत्खनन कराया और पशुपालन के साक्ष्य ढूंढे।
झारखंड के सिंहभूम जिले में स्थित वह कौन सा नवपाषाणकालीन स्थल है जहाँ से पत्थर के कुल्हाड़ी और चिकने हथियारों के अवशेष मिले हैं?
चिरांद|बरूडीह (Barudih)|दाओजली|संगनकल्लू
बरूडीह (Barudih)
State PCS, JPSC
बरूडीह झारखंड का एक प्रमुख नवपाषाणकालीन स्थल है जहाँ से प्रारंभिक बस्तियों और औजारों के साक्ष्य मिलते हैं।
ताम्रपाषाण काल की 'जोर्वे संस्कृति' के लोग किस धातु के प्रयोग से पूरी तरह अनभिज्ञ थे, जिसका आविष्कार भारत में 1000 ई.पू. के आसपास हुआ?
तांबा|सोना|लोहा (Iron)|कांसा
लोहा (Iron)
SSC, Railways, State PCS
ताम्रपाषाण काल के लोगों को तांबे और कांसे का ज्ञान था, लेकिन वे लोहे (Iron) के प्रयोग से बिल्कुल अनजान थे। भारत में लोहे का युग इसके बाद शुरू हुआ।
उपनिषदों का मुख्य प्रतिपाद्य विषय क्या है, जिसके कारण इन्हें भारतीय दर्शन का चरम उत्कर्ष माना जाता है?
यज्ञों और कर्मकांडों की विधियाँ|आत्मा, परमात्मा और ब्रह्मांड का दार्शनिक ज्ञान (Philosophy)|राजाओं की युद्ध नीतियां|योग और शारीरिक कसरत
आत्मा, परमात्मा और ब्रह्मांड का दार्शनिक ज्ञान (Philosophy)
UPSC, State PCS, RO/ARO
उपनिषद पूरी तरह से दार्शनिक ग्रंथ हैं जो कर्मकांडों का विरोध करते हुए ज्ञान मार्ग और ब्रह्म ज्ञान पर जोर देते हैं।
बुद्ध के समकालीन राजाओं और मगध के उत्कर्ष का विवरण देने वाले प्रसिद्ध जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' (Bhagavati Sutra) में किस महान जैन तीर्थंकर के जीवन का विवरण है?
ऋषभदेव|पार्श्वनाथ|महावीर स्वामी|नेमिनाथ
महावीर स्वामी
UPSC, State PCS, RO/ARO
भगवती सूत्र जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें महावीर स्वामी के जीवन, उनके चमत्कारों और 16 महाजनपदों की सूची मिलती है।
सम्राट अशोक के अभिलेख भारत के बाहर पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भी मिले हैं। अफगानिस्तान से प्राप्त उसके अभिलेख किन दो लिपियों (द्विभाषी अभिलेख) में लिखे गए हैं?
ब्राह्मी और खरोष्ठी|खरोष्ठी और यूनानी|यूनानी (Greek) और अरमाइक (Aramaic)|केवल अरमाइक
यूनानी (Greek) और अरमाइक (Aramaic)
UPSC, State PCS
अफगानिस्तान के शारे-कुना (कंधार) से प्राप्त अशोक का प्रसिद्ध द्विभाषी अभिलेख यूनानी और अरमाइक लिपियों में खुदा हुआ है।
प्राचीन भारत में सिक्कों के निर्माण के लिए प्रयुक्त होने वाले मिश्रित धातु 'पोटीन' (Potin) में किन धातुओं का मिश्रण होता था?
सोना और चांदी|तांबा, सीसा, जस्ता और टिन का मिश्रण|लोहा और तांबा|पीतल और कांसा
तांबा, सीसा, जस्ता और टिन का मिश्रण
UPSC, State PCS
पोटीन एक घटिया किस्म का मिश्रित धातु था जिसमें मुख्य रूप से सीसा और तांबा जस्ता मिलाया जाता था। इसका प्रयोग सातवाहनों ने किया था।
पुरापाषाण काल की बेलन घाटी के पुरातात्विक स्थलों की खोज का श्रेय मुख्य रूप से किस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जी.आर. शर्मा को दिया जाता है?
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय|इलाहाबाद विश्वविद्यालय|पटना विश्वविद्यालय|कोलकाता विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
State PCS, UPPSC
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग ने बेलन घाटी में प्रागैतिहासिक स्थलों के अन्वेषण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
मध्यपाषाण काल के किस स्थल से वन्य पशुओं की हड्डियों के साथ-साथ 'गैंडे' (Rhinoceros) की हड्डी का एकमात्र साक्ष्य मिला है जो लंघनाज के निकट है?
आदमगढ़|बागौर|लंघनाज (Gujarat)|सराय नाहर राय
लंघनाज (Gujarat)
UPSC, State PCS
गुजरात के लंघनाज से गैंडे की हड्डी के अवशेष मिले हैं, जिससे तत्कालीन नम और आर्द्र जलवायु का पता चलता है।
नवपाषाण काल के लोगों द्वारा मिट्टी के बर्तनों (Pottery) को सुंदर और चमकदार बनाने के लिए किस विशेष तकनीक का आविष्कार किया गया था?
उन्हें सोने से मढ़ना|कुम्हार के चाक का प्रयोग और बर्तनों पर पॉलिश/रंग चढ़ाना|उन्हें केवल धूप में सुखाना|लोहे की भट्टी में पकाना
कुम्हार के चाक का प्रयोग और बर्तनों पर पॉलिश/रंग चढ़ाना
State PCS, SSC, Railways
नवपाषाण काल में कुम्हार के चाक (Potter's Wheel) के नियमित प्रयोग से हाथ के बजाय चाक पर चिकने और सुंदर बर्तन बनने लगे थे।
ताम्रपाषाण काल के लोग मुख्य रूप से किस अनाज की खेती बड़े पैमाने पर करते थे, जिसके साक्ष्य पश्चिमी महाराष्ट्र की जोर्वे बस्तियों से मिले हैं?
केवल मक्का|गेहूं, जौ, मसूर, बाजरा और चावल|केवल कपास|केवल राई
गेहूं, जौ, मसूर, बाजरा और चावल
UPSC, State PCS
ताम्रपाषाण काल के लोग विभिन्न प्रकार की फसलों से परिचित थे। वे नर्मदा और गोदावरी घाटी में गेहूं, जौ और चावल की अच्छी खेती करते थे।
वेदों के कठिन मंत्रों को छंदबद्ध और लयबद्ध तरीके से गाने के नियमों का विवरण देने वाले वेदांग 'छंद' (Chhanda) के रचयिता कौन माने जाते हैं?
महर्षि पाणिनि|पिंगल मुनि (Pingala)|यास्क मुनि|शौनक ऋषि
पिंगल मुनि (Pingala)
State PCS, RO/ARO, SSC
छंद शास्त्र के रचयिता पिंगल मुनि हैं। व्याकरण के पाणिनि और निरुक्त (शब्द व्युत्पत्ति) के रचयिता यास्क मुनि हैं।
बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय के प्रसिद्ध ग्रंथ 'ललितविस्तर' (Lalitavistara) की मुख्य विषयवस्तु क्या है, जो संस्कृत में है?
संघ के भिक्षुओं के नियम|महात्मा बुद्ध का दिव्य और चमत्कारी जीवन चरित्र|मौर्य राजाओं का इतिहास|अशोक की जीवनी
महात्मा बुद्ध का दिव्य और चमत्कारी जीवन चरित्र
UPSC, State PCS
ललितविस्तर में महात्मा बुद्ध को एक अलौकिक और दिव्य पुरुष के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके जीवन की अद्भुत गाथा गाई गई है। इसी के आधार पर एडविन अर्नोल्ड ने 'लाइट ऑफ एशिया' पुस्तक लिखी थी।
सम्राट अशोक के साम्राज्य के उत्तर-पश्चिम हिस्से (जैसे मानसेहरा और शाहबाजगढ़ी) से प्राप्त अभिलेख किस विशिष्ट लिपि में खुदे हुए हैं, जो दाईं से बाईं ओर (Right to Left) लिखी जाती थी?
ब्राह्मी लिपि|खरोष्ठी लिपि (Kharosthi)|यूनानी लिपि|अरमाइक लिपि
खरोष्ठी लिपि (Kharosthi)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
अशोक के मानसेहरा और शाहबाजगढ़ी (पाकिस्तान) के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में हैं। यह लिपि दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी, जबकि ब्राह्मी लिपि बाईं से दाईं ओर लिखी जाती थी।
गुप्त काल के राजाओं द्वारा जारी किए गए चांदी के सिक्कों को तत्कालीन अभिलेखों और समाज में तकनीकी रूप से क्या कहा जाता था?
दीनार|रूपक (Rupaka)|टंका|जीतल
रूपक (Rupaka)
UPSC, State PCS, RO/ARO
गुप्त राजाओं (विशेषकर चंद्रगुप्त द्वितीय द्वारा शकों को हराने के बाद) द्वारा जारी चांदी के सिक्कों को 'रूपक' कहा जाता था।
पुरापाषाण युग का वह कौन सा स्थल है जो मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नर्मदा नदी के तट पर स्थित है, जहाँ से 'मानव खोपड़ी' (Human Skull) का भारत में सबसे पहला साक्ष्य मिला है?
भीमबेटका|हथनोरा (Hathnora)|आदमगढ़|नवदाटोली
हथनोरा (Hathnora)
UPSC, State PCS, MPPSC
1882 में अरुण सोनकिया ने हथनोरा (MP) से पाषाणकालीन 'होमो इरेक्टस' मानव की खोपड़ी के अवशेष ढूंढे थे, जो भारत में मानव का प्राचीनतम जीवाश्म है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर क्षेत्र की विंध्य पहाड़ियों के रॉक शेल्टरों से किस काल के सुंदर शैलचित्रों (Cave Paintings) और माइक्रोलिथ औजारों के साक्ष्य मिले हैं?
केवल पुरापाषाण काल|मध्यपाषाण काल (Mesolithic)|केवल नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल
मध्यपाषाण काल (Mesolithic)
State PCS, UPPSC, RO/ARO
मिर्जापुर के लेखहिया, मोरहना पहाड़ियों से मध्यपाषाण काल के शैलचित्र और लघु पाषाण औजार भारी मात्रा में मिले हैं।
नवपाषाण काल का वह कौन सा स्थल है जो इलाहबाद के निकट बेलन घाटी में है और जहाँ से कपास और हाथ से बने मृदभांडों के सबसे पुराने निशान मिले हैं?
कोल्डिहवा|लहुरादेव|महगड़ा (Mahagara)|सराय नाहर
महगड़ा (Mahagara)
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महगड़ा (प्रयागराज) कोल्डिहवा के ठीक पास स्थित है, जहाँ से नवपाषाण काल की गोलाकार झोपड़ियों और मवेशियों के बाड़े (खुरों के निशान) मिले हैं।
महाराष्ट्र का वह कौन सा प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल है जहाँ से पटसन या सूती धागे (Flax / Cotton Thread) का भारत में सबसे प्राचीनतम साक्ष्य मिला है, जो नेवासा के निकट है?
इनामगाँव|नेवासा (Nevasa)|दैमाबाद|चंदोली
नेवासा (Nevasa)
UPSC, State PCS
महाराष्ट्र के नेवासा से तांबे के मनकों के हार के धागे में रेशम और पटसन के रेशे लिपटे हुए मिले हैं, जो वस्त्र निर्माण की कला को दर्शाते हैं।
वेदों के कठिन शब्दों के अर्थ और भाषा विज्ञान (Etymology) की व्याख्या करने वाले दुनिया के पहले शब्दकोश 'निरुक्त' (Nirukta) के लेखक कौन हैं?
महर्षि पाणिनि|यास्क मुनि (Yaska)|पतंजलि|पिंगल मुनि
यास्क मुनि (Yaska)
UPSC, State PCS, RO/ARO
यास्क मुनि द्वारा रचित 'निरुक्त' भाषा विज्ञान की दुनिया की पहली प्रामाणिक पुस्तक मानी जाती है, जो वेदों के शब्दों की उत्पत्ति समझाती है।
कुषाण राजाओं के सिक्कों पर पहली बार भारतीय देवताओं (जैसे शिव, कार्तिकेय) के साथ-साथ किन विदेशी संस्कृतियों के देवताओं के चित्र भी दिखाई देते हैं?
केवल चीनी देवताओं के|यूनानी (Greek) और ईरानी (Iranian) देवताओं के|केवल रोमन देवताओं के|केवल अफ्रीकी देवताओं के
यूनानी (Greek) और ईरानी (Iranian) देवताओं के
UPSC, State PCS
कुषाणों का साम्राज्य सिल्क रूट पर फैला था, इसलिए उनके सिक्कों पर यूनानी, ईरानी, और बौद्ध-हिंदू देवताओं का अद्भुत मिश्रण दिखाई देता है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विंध्य पर्वतों के तलहटी में स्थित 'सिंगरौली घाटी' (Singrauli Valley) किस काल के पाषाण औजारों के लिए प्रसिद्ध है?
निम्न पुरापाषाण काल|नवपाषाण काल|ताम्र पाषाण काल|लौह युग
निम्न पुरापाषाण काल
State PCS, UPPSC
सिंगरौली घाटी से निम्न पुरापाषाण काल के पेबुल और कोर से बने चॉपर-हैंडऐक्स औजार भारी मात्रा में उत्खनित किए गए हैं।
मध्यपाषाण काल का वह कौन सा स्थल है जो मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भीमबेटका गुफाओं के भीतर स्थित है और लघु पत्थरों के हथियारों के कारखाने के रूप में जाना जाता है?
आदमगढ़|बागौर|भीमबेटका शैलाश्रय (Bhimbetka Rockshelters)|लंघनाज
भीमबेटका शैलाश्रय (Bhimbetka Rockshelters)
UPSC, State PCS, SSC
भीमबेटका की गुफा संख्या III F-23 से मध्यपाषाण काल के हजारों की संख्या में माइक्रोलिथ औजार और उनके निर्माण के अवशेष मिले हैं।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित वह कौन सा नवपाषाणकालीन स्थल है जहाँ से रागी, मूंग और घोड़ों के चने के साक्ष्य मिले हैं?
पैयामपल्ली (Paiyampalli)|संगनकल्लू|उतनूर|ब्रह्मगिरि
पैयामपल्ली (Paiyampalli)
UPSC, State PCS
तमिलनाडु का पैयामपल्ली दक्षिण भारत का एक प्रमुख नवपाषाणकालीन कृषि स्थल है जहाँ से अनाजों के जले हुए दाने मिले हैं।
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित 'नेवासा' ताम्रपाषाणिक स्थल का उत्खनन पुणे के दक्कन कॉलेज के किस प्रसिद्ध पुरातत्वविद के निर्देशन में हुआ था?
बी.बी. लाल|एच.डी. सांकलिया (H.D. Sankalia)|एस.आर. राव|अरुण सोनकिया
एच.डी. सांकलिया (H.D. Sankalia)
State PCS, MPSC
नेवासा और नवदाटोली दोनों ही प्रमुख स्थलों का उत्खनन प्रो. हंसमुख धीरजलाल सांकलिया (एच.डी. सांकलिया) द्वारा करवाया गया था।
चारों वेदों की संहिताओं के बाद लिखे गए 'ब्राह्मण ग्रंथों' का मुख्य उद्देश्य क्या था, जो गद्य रूप में हैं?
वेदों के मंत्रों का काव्यात्मक गान करना|वेदों के जटिल मंत्रों और यज्ञों के वैज्ञानिक व व्यावहारिक अर्थ को सरल भाषा में समझाना|राजाओं की प्रशंसा करना|विदेशी व्यापार की नीतियां बनाना
वेदों के जटिल मंत्रों और यज्ञों के वैज्ञानिक व व्यावहारिक अर्थ को सरल भाषा में समझाना
UPSC, State PCS, RO/ARO
ब्राह्मण ग्रंथ वेदों की व्याख्या करने वाली कुंजियाँ (गाइड) हैं, जिनमें गद्य रूप में यज्ञों के विधान और उनके पीछे के दार्शनिक आधार को समझाया गया है।
अशोक के दिल्ली-टोपरा और दिल्ली-मेरठ स्तंभ लेखों को फिरोज़ शाह तुगलक दिल्ली लेकर आया था। इन स्तंभ लेखों को 1750 ई. में सर्वप्रथम किसने खोजा था?
जेम्स प्रिंसेप|पाद्रे टिफेंथेलर (Tieffenthaler)|अलेक्जेंडर कनिंघम|जॉन मार्शल
पाद्रे टिफेंथेलर (Tieffenthaler)
UPSC, State PCS, RO/ARO, SSC
अशोक के अभिलेखों की सबसे पहली खोज 1750 ई. में टिफेंथेलर ने की थी, जबकि इन्हें पढ़ने में पहली सफलता 1837 में जेम्स प्रिंसेप को मिली।
गुप्त राजाओं के समय जारी मुद्राओं पर अंकित राजाओं के विभिन्न रूपों (जैसे व्याघ्र-निहंता, सिंह-विक्रम, धनुर्धारी) से क्या प्रकट होता है?
उनकी धार्मिक कमजोरी|उनकी सैन्य शक्ति, व्यक्तिगत शौर्य और साम्राज्य विस्तार की नीतियां|उनकी आर्थिक गरीबी|उनके विदेशी संबंध
उनकी सैन्य शक्ति, व्यक्तिगत शौर्य and साम्राज्य विस्तार की नीतियां
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गुप्त राजाओं के सिक्कों के विभिन्न प्रकार (जैसे समुद्रगुप्त का शेर का शिकार करना या चंद्रगुप्त द्वितीय का धनुष लिए होना) उनके व्यक्तिगत पराक्रम और गौरव को दर्शाते हैं।
पुरापाषाण युग के अंतिम चरण 'उच्च पुरापाषाण काल' (Upper Paleolithic) के औजारों में पत्थर के किस चमकदार रूप का प्रयोग बड़े पैमाने पर शुरू हुआ था?
चर्ट और जेस्पर (Chert and Jasper)|क्वाटर्जाइट|बलुआ पत्थर|ओप्सिडियन
चर्ट और जेस्पर (Chert and Jasper)
UPSC, State PCS
उच्च पुरापाषाण काल में तकनीक अधिक परिष्कृत हो गई थी, जिससे चर्ट, जेस्पर और फ्लिंट जैसे बेहतर पत्थरों से बहुत महीन ब्लेड बनाए जाने लगे थे।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित 'सराय नाहर राय' स्थल से प्राप्त कब्रों की क्या मुख्य भौतिक विशेषता है जो तत्कालीन शवाधान प्रथा को बताती है?
कब्रें बहुत गहरी थीं|कब्रें उथली (कम गहरी) और अंडाकार थीं तथा घरों के बहुत पास थीं|शवों को केवल जलाया जाता था|शवों को ताबूत में रखा जाता था
कब्रें उथली (कम गहरी) और अंडाकार थीं तथा घरों के बहुत पास थीं
UPSC, State PCS
सराय नाहर राय की कब्रें उथली थीं और शवों का सिर पश्चिम की ओर तथा पैर पूर्व की ओर करके दफनाए गए थे, जो मध्यपाषाण काल की विशिष्टता है।
कर्नाटक के रायचूर जिले में स्थित वह कौन सा नवपाषाणकालीन स्थल है जो कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के दोआब क्षेत्र में स्थित है और राख के टीलों के लिए प्रसिद्ध है?
पिकलीहल (Piklihal)|संगनकल्लू|ब्रह्मगिरि|मास्की
पिकलीहल (Piklihal)
UPSC, State PCS
पिकलीहल नवपाषाण काल का एक चरवाहा स्थल है जहाँ से चरवाहों के निवास स्थान और गोबर के जलने से बने राख के बड़े ढेर मिले हैं।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित 'इनामगाँव' ताम्रपाषाणिक स्थल का व्यापक उत्खनन कार्य एचडी सांकलिया के अलावा किस अन्य प्रसिद्ध पुरातत्वविद ने किया था?
बी.बी. लाल|एम.के. धवलीकर (M.K. Dhavalikar)|एस.आर. राव|बी.के. थापर
एम.के. धवलीकर (M.K. Dhavalikar)
UPSC, State PCS
इनामगाँव का वैज्ञानिक और विस्तृत उत्खनन दक्कन कॉलेज के प्रो. एम.के. धवलीकर और जेड.डी. अंसारी द्वारा एचडी सांकलिया की देखरेख में पूरा किया गया था।
वैदिक साहित्यों के अंतर्गत 'वेदांग' साहित्यों की रचना किस शैली या विधा में की गई है जो उन्हें वेदों से अलग करती है?
काव्यात्मक शैली में|सूत्र शैली में (Sutra Style - अत्यंत संक्षिप्त वाक्यों में)|केवल नाटक विधा में|चित्रलिपि विधा में
सूत्र शैली में (Sutra Style - अत्यंत संक्षिप्त वाक्यों में)
UPSC, State PCS, RO/ARO
वेदांगों की रचना 'सूत्र शैली' में की गई है, जहाँ बहुत कम शब्दों में बड़े और गहरे नियमों को पिरोया जाता था (जैसे कल्पसूत्र, व्याकरण सूत्र)।
अशोक के प्रयाग कौशाम्बी स्तंभ लेख को किस मुगल सम्राट ने कौशाम्बी से उखाड़कर इलाहाबाद (प्रयागराज) के किले में स्थापित करवाया था?
बाबर|हुमायूं|अकबर|शाहजहां
अकबर
State PCS, UPPSC, RO/ARO, SSC
अशोक के कौशाम्बी स्तंभ लेख को अकबर ने इलाहाबाद किले में मंगवाया था। इसी स्तंभ पर समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति और बाद में जहांगीर का लेख भी खुदा।
प्राचीन भारत के इतिहास में सोने की शुद्धता के मानक के रूप में कुषाण राजाओं के सिक्कों को कितने कैरेट या शुद्धता का माना जाता है?
10 से 12 कैरेट|18 से 22 कैरेट|लगभग 24 कैरेट के अत्यंत करीब (विशुद्ध स्वर्ण)|केवल 5 कैरेट
लगभग 24 कैरेट के अत्यंत करीब (विशुद्ध स्वर्ण)
UPSC, State PCS
कुषाण राजाओं के सोने के सिक्कों में तांबे या चांदी की मिलावट न के बराबर थी, वे रोमन दीनार के वजन और शुद्धता की नकल पर पूरी तरह खरे बनाए गए थे।
ओडिशा की कटक-पुरी पहाड़ियों में स्थित उदयगिरि की किस गुफा से कलिंग राजा खारवेल का प्रसिद्ध हाथीगुम्फा अभिलेख प्राप्त हुआ है?
रानी गुफा|हाथीगुम्फा (Hathigumpha / हाथी गुफा)|गणेश गुफा|व्याघ्र गुफा
हाथीगुम्फा (Hathigumpha / हाथी गुफा)
State PCS, RO/ARO, SSC
यह अभिलेख प्राकृतिक रूप से बनी हाथी के आकार की गुफा (हाथीगुम्फा) के प्रवेश द्वार की चट्टान पर खुदा होने के कारण हाथीगुम्फा अभिलेख कहलाता है।
ताम्रपाषाण काल के लोग तांबे को पिघलाने की कला जानते थे। वे तांबे के अयस्क (Copper Ore) मुख्य रूप से राजस्थान की किन प्रसिद्ध खानों से प्राप्त करते थे?
जावर की खानों से|खेतड़ी की खानों से (Khetri Copper Mines)|भीलवाड़ा की खानों से|डेगाना की खानों से
खेतड़ी की खानों से (Khetri Copper Mines)
SSC, Railways, State PCS
राजस्थान का झुंझुनू जिला और खेतड़ी क्षेत्र प्राचीन काल से ही भारत में तांबे के निष्कर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रहा है, जहाँ से प्रागैतिहासिक मानव तांबा प्राप्त करता था।
संस्कृत भाषा के महान ऐतिहासिक नाटकों में गिना जाने वाला 'देवीचंद्रगुप्तम' (Devichandraguptam) किसके द्वारा लिखा गया है, जिससे गुप्त वंश की गुप्त रामगुप्त कहानी का पता चलता है?
कालिदास|विशाखदत्त|शूद्रक|बाणभट्ट
विशाखदत्त
UPSC, State PCS, RO/ARO
विशाखदत्त ने दो प्रसिद्ध नाटक लिखे: मुद्राराक्षस और देवीचंद्रगुप्तम। देवीचंद्रगुप्तम से चंद्रगुप्त द्वितीय द्वारा शक राजा का वध करने की कहानी का पता चलता है।
वैदिक साहित्य के अंतर्गत 'सामवेद' संहिता को गाने वाले पुरोहित वर्ग को क्या कहा जाता था जो सुर और ताल के विशेषज्ञ होते थे?
होतृ|अध्वर्यु|उद्गातृ (Udgatri)|ब्रह्मा
उद्गातृ (Udgatri)
State PCS, RO/ARO, SSC
सामवेद के मंत्रों का सस्वर गायन करने वाले ऋषियों को उद्गाता या उद्गातृ कहा जाता था।
अशोक के किस एकमात्र लघु शिलालेख (Minor Rock Edict) में उसका नाम 'मगाधिराज' (मगध का राजा) मिलता है और वह बौद्ध त्रिरत्न (बुद्ध, धम्म, संघ) में अपनी आस्था व्यक्त करता है?
मास्की शिलालेख|गुर्जरा शिलालेख|भाब्रू-बैराट शिलालेख (Bhabru)|सासाराम शिलालेख
भाब्रू-बैराट शिलालेख (Bhabru)
UPSC, State PCS, RPSC
राजस्थान के बैराट से प्राप्त भाब्रू शिलालेख अशोक के बौद्ध होने का सबसे ठोस और सीधा पुरातात्विक लिखित प्रमाण माना जाता है।
गुप्त काल के सिक्कों पर प्रयुक्त होने वाली लिपि मुख्य रूप से कौन सी थी, जिसमें राजाओं के नाम और उनके गौरवपूर्ण छंद लिखे जाते थे?
खरोष्ठी लिपि|ब्राह्मी लिपि (Brahmi Script)|देवनागरी लिपि|यूनानी लिपि
ब्राह्मी लिपि (Brahmi Script)
UPSC, State PCS
गुप्तकालीन राजाओं के सिक्कों पर उत्कीर्ण संस्कृत के छंद और राजाओं के नाम विशुद्ध 'गुप्तकालीन ब्राह्मी लिपि' में लिखे गए हैं।
पुरापाषाण काल का प्रसिद्ध स्थल 'अतिरम्पक्कम' (Attirampakkam) भारत के किस आधुनिक राज्य में कोर्तलायार नदी घाटी में स्थित है?
आंध्र प्रदेश|कर्नाटक|तमिलनाडु|ओडिशा
तमिलनाडु
UPSC, State PCS
अतिरम्पक्कम तमिलनाडु में स्थित है। यहाँ से निम्न, मध्य और उच्च तीनों पुरापाषाण कालों के क्रमिक हथियारों की परतें मिली हैं।
मध्यपाषाण काल के लोग तीर-कमान (Bow and Arrow) तकनीक से परिचित हो चुके थे। इस लघु अस्त्र तकनीक (Projectiles) के आविष्कार से मानव के जीवन में क्या बड़ा बदलाव आया?
वे खेती करने लगे|वे तेज भागने वाले छोटे जानवरों और पक्षियों का दूर से ही शिकार करने में सक्षम हो गए|वे मकान बनाने लगे|वे लोहे को पिघलाने लगे
वे तेज भागने वाले छोटे जानवरों और पक्षियों का दूर से ही शिकार करने में सक्षम हो गए
UPSC, State PCS
प्रक्षेप्यास्त्र (Projectile) तकनीक यानी तीर-कमान के आविष्कार ने मध्यपाषाण काल के मानव की शिकार क्षमता को बहुत बढ़ा दिया, जिससे वे छोटे और फुर्तीले जानवरों का शिकार आसानी से करने लगे।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्य पहाड़ियों के ढलान पर स्थित भीमबेटका की गुफाओं की खोज सर्वप्रथम 1957-58 में किस महान भारतीय पुरातत्वविद ने की थी?
एच.डी. सांकलिया|डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (V.S. Wakankar)|बी.बी. लाल|अलेक्जेंडर कनिंघम
डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (V.S. Wakankar)
UPSC, State PCS, MPPSC, RO/ARO
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रोफेसर डॉ. वी.एस. वाकणकर ने ट्रेनों से यात्रा के दौरान इन पहाड़ियों को देखा और भीमबेटका के शैलचित्रों की विश्व प्रसिद्ध खोज की।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित 'दमदमा' मध्यपाषाणकालीन स्थल से कुल कितने मानव शवाधान (Burials) प्राप्त हुए हैं जो पुराविदों के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड है?
10 शवाधान|41 मानव शवाधान|100 शवाधान|5 शवाधान
41 मानव शवाधान
State PCS, UPPSC
दमदमा से कुल 41 कब्रें मिली हैं। इनमें से 4 कब्रें जुड़वां (दोहरे शवाधान) की हैं और एक कब्र में तीन मानव कंकाल एक साथ हैं।
नवपाषाण काल का वह कौन सा प्रसिद्ध पुरास्थल है जो आधुनिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रावी नदी के पुराने बेसिन के पास है और हड़प्पा सभ्यता की पूर्वपीठिका माना जाता है?
मेहरगढ़|सराय खोला|रहमान ढेरी (Rahman Dheri)|कोटदीजी
रहमान ढेरी (Rahman Dheri)
UPSC, State PCS
रहमान ढेरी और सराय खोला पाकिस्तान में स्थित ऐसे नवपाषाणकालीन स्थल हैं जहाँ से सिंधु सभ्यता के विकसित होने के ठीक पहले के बस्तियों के साक्ष्य मिलते हैं।
ताम्रपाषाण काल की सबसे परिपक्व ग्रामीण संस्कृति 'जोर्वे संस्कृति' का अंत लगभग 700 ई.पू. के आसपास किस मुख्य कारण से हुआ माना जाता है?
भीषण विदेशी आक्रमण|भारी भूकंप और बाढ़|अत्यधिक सूखा और जलवायु का शुष्कीकरण (Aridity)|लोहे का अत्यधिक प्रयोग
अत्यधिक सूखा और जलवायु का शुष्कीकरण (Aridity)
UPSC, State PCS
लगभग 1000 ई.पू. के बाद पश्चिमी भारत में वर्षा बहुत कम हो गई और भीषण सूखा पड़ने लगा, जिसके कारण जोर्वे संस्कृति की बस्तियाँ उजड़ गईं और लोग पलायन कर गए।
वेदों के सूक्तों और मंत्रों के गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ को समझने के लिए राजाओं और ऋषियों के बीच हुए दार्शनिक वाद-विवादों का संकलन 'उपनिषद' साहित्यों का शाब्दिक अर्थ क्या है?
दूर बैठकर सुनना|गुरु के समीप नीचे निष्ठापूर्वक बैठना (Sitting down near)|जंगल में पाठ करना|जोर-जोर से चिल्लाकर पढ़ना
गुरु के समीप नीचे निष्ठापूर्वक बैठना (Sitting down near)
State PCS, RO/ARO, SSC
'उपनिवेश' या उपनिषद का अर्थ है शिष्य का गुरु के पास बैठकर रहस्यमयी और गुप्त दार्शनिक ज्ञान (ब्रह्मविद्या) को सीखना।
सम्राट अशोक के किस प्रसिद्ध स्तंभ लेख पर उसके सात अलग-अलग शासकीय आदेशों (Seven Edicts) का पूरा सेट खुदा हुआ है, जो चम्पारण (बिहार) में स्थित है?
रामपुरवा स्तंभ लेख|लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ लेख (Lauriya Nandangarh)|मेरठ स्तंभ लेख|कौशाम्बी स्तंभ लेख
लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ लेख (Lauriya Nandangarh)
UPSC, State PCS, BPSC
बिहार के चम्पारण में स्थित लौरिया नंदनगढ़ और लौरिया अरराज स्तंभ लेखों पर अशोक के सात स्तंभ आदेश पूरी तरह सुरक्षित रूप से उत्कीर्ण हैं।
हिंद-यवन (Indo-Greek) राजाओं के सिक्कों पर दो लिपियों का प्रयोग मिलता है। अग्रभाग पर यूनानी (Greek) लिपि होती थी, तो पृष्ठभाग पर कौन सी भारतीय लिपि उत्कीर्ण की जाती थी?
केवल देवनागरी लिपि|खरोष्ठी या ब्राह्मी लिपि (Kharosthi / Brahmi)|केवल प्राकृत लिपि|केवल तमिल लिपि
खरोष्ठी या ब्राह्मी लिपि (Kharosthi / Brahmi)
UPSC, State PCS
हिंद-यवन राजाओं (जैसे मिनैंडर) के सिक्कों पर द्विभाषी और द्विलिपि लेख होते थे, जिसमें यूनानी के साथ खरोष्ठी या ब्राह्मी लिपि का सुंदर प्रयोग होता था।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका की गुफाओं को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा किस वर्ष 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) घोषित किया गया था?
1990 ई. में|2003 ई. में|2010 ई. में|1985 ई. में
2003 ई. में
State PCS, MPPSC, SSC, Railways
भीमबेटका के अद्वितीय शैलचित्रों के वैश्विक महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने वर्ष 2003 में इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था।
प्राचीन भारत के इतिहास में 'ताम्रपाषाणिक संस्कृतियों' का पतन मुख्य रूप से किस नई और अत्यधिक मजबूत धातु के आगमन के कारण हुआ जिसने जंगलों को काटने और गहरी जुताई का मार्ग प्रशस्त किया?
कांसा|लोहा (Iron)|पीतल|सोना
लोहा (Iron)
SSC, Railways, State PCS
उत्तर वैदिक काल (लगभग 1000 ई.पू.) में जब लोहे का व्यापक आविष्कार हुआ, तो तांबे की कमजोरी दूर हो गई और भारत एक नए 'लौह युग' और द्वितीय नगरीकरण (महाजनपद काल) में प्रवेश कर गया।
इस क्विज की प्रमुख विशेषताएँ:
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परीक्षा के अनुसार चयन: इस टेस्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप अपनी सुविधानुसार अपनी 'टारगेट परीक्षा' को सिलेक्ट (Select) करके यह क्विज दे सकते हैं।
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संपूर्ण कवरेज: इसमें पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल, ताम्र पाषाण युग और मानव विकास के प्रारंभिक चरणों से जुड़े वो सभी मोस्ट पॉपुलर प्रश्न शामिल किये गए हैं, जो एग्जाम में बार-बार रिपीट होते हैं।
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आसान भाषा: यह पूरा कंटेंट विशेष रूप से हिंदी माध्यम के छात्रों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बेहद आसान और स्पष्ट भाषा में तैयार किया गया है।
प्रिय विद्यार्थियों, आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही कंटेंट और सही दिशा में किया गया निरंतर अभ्यास ही आपको आपके सिलेक्शन तक पहुँचाएगा।
आज ही इस क्विज को अटेम्प्ट करें, अपना वास्तविक स्कोर चेक करें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें। आपको आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
Frequently Asked Questions
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